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नैनीताल समाचार

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चिणुक: भ्रष्टाचार: कौन है इसका जिम्मेदार

लेखक : नैनीताल समाचार

नानतिन बाड़ी (‘नैनीताल समाचार’ विगत 20 वर्षों से निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों से जुड़ा रहा है। इन वर्षों में हम बच्चों की रचनाधर्मिता के कायल हुए और उसे ‘चिणुक’ के माध्यम से पाठकों के सम्मुख लाने की एक कोशिश शुरू कर रहे हैं। बच्चों यह कॉलम आप ही का है और हमें उम्मीद [...]

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चिट्ठी–पत्री :  पर्यावरण-दोहन, सबका तरीका अपना अपना

चिट्ठी–पत्री : पर्यावरण-दोहन, सबका तरीका अपना अपना

लेखक : नैनीताल समाचार

अंक 15, 15 से 31 मार्च 2012 मे विनीता यशस्वी का आलेख ‘जमीन बेचने को वे हजारो पेड़ काट सकते हैं’ दिल के कोने मे कुलबुलाने लगा। इसलिये कि हम न तो ‘पर्यावरण बचाओ’ की मुहिम मे गिने जाते है और न पर्यावरण का अन्धाधुन्ध दोहन मे लगे बिल्डरों और भू माफियाओं के साथ हैं। [...]

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छोटा मुँह छोटी बात : क्या उसे भारत रत्न मिलेगा जो….

छोटा मुँह छोटी बात : क्या उसे भारत रत्न मिलेगा जो….

लेखक : रमदा ::अंक: 18 || 01 मई से 14 मई 2012:: वर्ष :: 35:

बर्तोल्त ब्रेख्त द्वारा मायकोवस्की के लिए समाधि लेख शीर्षक से लिखी एक कविता है………शार्क मछलियों को मैंने चकमा दिया/शेरों को मैंने छकाया/मुझे जिन्होंने हड़प लिया/ वे खटमल थे…. इधर जब मैं इसे पढ़ता हू़ँ तो कविता का ‘मैं’ मुझे उत्तराखंड लगने लगता है, जिसने आन्दोलन के दौरान शार्क और शेर जैसे राजनीतिज्ञों के जबड़ों से [...]

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सम्पादकीय : क्रिकेट का उभार अर्थात अन्य खेलों का उजड़ना

सम्पादकीय : क्रिकेट का उभार अर्थात अन्य खेलों का उजड़ना

लेखक : राजीव लोचन साह ::अंक: 18 || 01 मई से 14 मई 2012:: वर्ष :: 35:

सचिन तेंदुलकर को राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया जाना एक हास्यास्पद फैसला है। यह एक ओर क्रिकेट के बाजारवाद के जबर्दस्त दबाव का सूचक है तो दूसरी ओर संविधान की उस भावना का अपमान, जिसके अन्तर्गत संसद के इस उच्च सदन का गठन किया गया था। हमारे संविधान निर्माताओं का मानना था कि जिन भौगोलिक [...]

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परियोजनाओं के समर्थन के बहाने चल रहा है बड़ा खेल

परियोजनाओं के समर्थन के बहाने चल रहा है बड़ा खेल

लेखक : प्रवीण भट्ट ::अंक: 18 || 01 मई से 14 मई 2012:: वर्ष :: 35:

उत्तराखंड में जलविद्युत परियोजनाओं के सवाल पर चल रहा आंदोलन अब दो हिस्सों में बँट गया है। जलविद्युत परियोजनाओं का विरोध कर रहे लोग एक तरफ और जलविद्युत परियोजनाओं के समर्थक दूसरी ओर। नए मुख्यमंत्री ने गंगा-भागीरथी में निर्माणाधीन, बंद पड़ी तीन परियोजनाओं पाला मनेरी, मनेरी भाली और भैंरोघाटी को खोलने का समर्थन क्या किया, [...]

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हस्तलिखित पत्रिका से राष्ट्रीय बाल पत्रिका का सफर

हस्तलिखित पत्रिका से राष्ट्रीय बाल पत्रिका का सफर

लेखक : नैनीताल समाचार ::अंक: 18 || 01 मई से 14 मई 2012:: वर्ष :: 35:

प्रमोद काण्डपाल बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र भोपाल (मध्य प्रदेश) ने 14 अप्रेल 2012 को भोपाल में आयोजित अपने वार्षिक समारोह में अल्मोड़ा से प्रकाशित बच्चों की पत्रिका ‘बाल प्रहरी’ को देश की सर्वश्रेष्ठ बाल पत्रिका का सम्मान दिया है। प्रकाशन के आठ वर्ष के भीतर यह उपलब्धि प्राप्त करना सामान्य बात नहीं [...]

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आश्वासनों से स्थगित हुआ आंदोलन

आश्वासनों से स्थगित हुआ आंदोलन

लेखक : अरविंद मुद्गल ::अंक: 18 || 01 मई से 14 मई 2012:: वर्ष :: 35:

हेमवतीनंदन बहुगुणा गढवाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में 41 बिंदुओं पर सहमति बनने के साथ ही 24 दिनों तक चला आंदोलन 22 अप्रेल को समाप्त हो गया और प्रशासनिक भवन के ताले खोल दिये गये। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी मुँह बाये खड़ा है कि क्या आंदोलनकारियों को इस समझौते से अपनी उन सभी माँगो का [...]

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मैं इस सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं करती

मैं इस सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं करती

लेखक : बबीता उप्रेती ::अंक: 18 || 01 मई से 14 मई 2012:: वर्ष :: 35:

‘‘भाई की हत्या के मामले में सीबीआई जांच के आदेश के बाद एक अजीब सा सुकून मिला। बहुत दिन बाद लगा की शोर मचाकर भी कई चीजें असर करतीं हैं। अपने भाई की लड़ाई लड़ने के लिए विजय दा, भुप्पी दा को मैं धन्यवाद नहीं दे सकता। क्योंकि यह शब्द बहुत छोटा है। पूरी उम्मीद [...]

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घामतपवे भाबर से साइबर युग में फटक मारता हल्द्वानी . 11

घामतपवे भाबर से साइबर युग में फटक मारता हल्द्वानी . 11

लेखक : आनन्द बल्लभ उप्रेती ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

हल्द्वानी अब महज व्यावसायिक नगर नहीं रहा है। पहाड़ से उतर कर जिन हजारों लोगों ने यहाँ अपना आशियाना बनाया है, उनमें अनेक मनीषी, साहित्यकार भी हैं। यह दीगर बात है कि इनमें से अधिकांश लोगों के व्यापक समाज से अलग-थलग बने रहने के कारण जन सामान्य इनके बारे में नहीं जानता। आपस में भी [...]

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पिथौरागढ़ में गन्दगी

पिथौरागढ़ में गन्दगी

लेखक : नैनीताल समाचार ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

सुशील खत्री सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के मुख्यालय की नगरपालिका को ‘ए’ श्रेणी का दर्जा तो मिल गया, लेकिन लोगों को सुविधाएँ नहीं मिलीं। पालिका में कर्मचारियों का खासा टोटा है। मानकों के अनुसार कर्मचारियों की भर्ती न होने से लोग गंदगी से खासे परेशान है। मानक के अनुसार प्रति दस हजार की आबादी में 50 [...]

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काष्ठ कला के भटकते यायावर चुनेर

काष्ठ कला के भटकते यायावर चुनेर

लेखक : चंदन बंगारी ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

बदलती जीवन शैली व आधुनिकता की दौड़ ने लकड़ी से तैयार होने वाले परंपरागत बर्तनों को हाशिए पर ला दिया है। हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार किए जाने वाले डोकला, ठेकी, माणा की जगह स्टील व अन्य धातुओं के बर्तनों ने ले ली है। शिल्पियों की घटती तादाद व सरकार की बेरुखी के चलते यह परंपरागत हुनर [...]

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योजना आयोग की उस दफ्न फाइल को निकालो

योजना आयोग की उस दफ्न फाइल को निकालो

लेखक : दिनेश पंत ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

वर्ष 1992 में हिमालय क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को लेकर एक समिति गठित की गई थी, जिसके अध्यक्ष योजना आयोग के सदस्य जेड. कासिम थे। अन्य सदस्य थे, जे.एन. पाटिल, जे. एस. बजाज, प्रो. हर्ष गुप्ता, डॉ. ए.एन. पुरोहित और डॉ. खड्गसिंह वल्दिया को भी इसमें शामिल किया गया था। इस समिति द्वारा सौंपी [...]

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चुपचाप कहाँ खो गया डीना अस्पताल ?

चुपचाप कहाँ खो गया डीना अस्पताल ?

लेखक : महेश जोशी ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

अल्मोड़ा के निकट ‘डीना अस्पताल’ में ताला लटकने के बाद किसी प्रकार की राजनीतिक-सामाजिक संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया का न होना चिन्ताजनक है। चिकित्सा केन्द्र जैसे एक सार्वजनिक संस्थान को इस तरह से एकाएक बन्द कर देना अस्पताल की संचालक ‘जन जागरण समिति’ की कार्यप्रणाली पर भी संदेह पैदा करता है। डीना अस्पताल अल्मोड़ा [...]

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आशल-कुशल :  15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012

आशल-कुशल : 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012

लेखक : नैनीताल समाचार ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

एक बार मौसम गर्म हो जाने के बाद पहाड़ों पर पुनः ठंड बढ़ने से लोग अचंभे में हैं। विधान सभा के पहले सत्र के समापन के साथ मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा विजेता के रूप में उभरे। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता महेन्द्र सिंह माहरा द्वारा राज्य सभा सीट जीते जाने के साथ ही विधान सभा सत्र के दौरान [...]

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गाँवों की सेहत का आधार है ग्राम स्वच्छता समितियाँ

गाँवों की सेहत का आधार है ग्राम स्वच्छता समितियाँ

लेखक : दिनेश पंत ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

उत्तराखंड के निर्माण का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक गाँव मजबूत नहीं हो जाते। मगर विकास प्रक्रिया में ग्रामीणों की भागीदारी न होना, गांव की आवश्यकता के अनुसार योजना प्रारूप न बन पाना एक बड़ी अड़चन है। जनपद पिथौरागढ़ के दो गाँवों सटगल व रावलगांव (जाख-पुराण) उदाहरण लेते हैं। बिण विकास [...]

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तो अन्ततः सफल हुआ शीतकालीन अभियान

तो अन्ततः सफल हुआ शीतकालीन अभियान

लेखक : केशव भट्ट ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

आखिरकार भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के दल को शीतकालीन अभियान में पहली सफलता मिल गई। जाड़ों में हिमालयी रास्ते व दर्रे बर्फ से पट जाते हैं। आईएमएफ ने जाड़ों में इसी वर्ष से क्लाइम्बिंग एंड स्कीइंग का अभियान शुरू किया था। पहला अभियान लेह में सतो कांगड़ी में असफल हो गया। इस बार आईएमएफ ने आईटीबीपी, [...]

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अराजकता ही अराजकता है कुमाऊँ विश्वविद्यालय में

अराजकता ही अराजकता है कुमाऊँ विश्वविद्यालय में

लेखक : नैनीताल समाचार ::अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2012:: वर्ष :: 35:

मनीष पांडे काका कालेकर ने कहीं पर कहा था कि ‘सरकारी कभी असरकारी नहीं होता’।यह युक्ति ठीक लागू होती है कुमाऊँ विश्वविद्यालय पर। विश्वविद्यालय जिस तरह परीक्षा तिथि आगे बढ़ा रहा है, उसे देख कर तो ऐसा ही लगता है। अब यह तिथि 9 अप्रेल से 16 अप्रेल कर दी गई है, जिससे छात्र-छात्राओं में [...]

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आपकी बात

  • चिट्ठी–पत्री : हरीश रावत ऐसा क्या कर देंगे जो वो आज तक नहीं कर सके?
  • चिट्ठी–पत्री : शराब विरोधी पाठक और मुर्गा-दारु प्रेमी पत्रकार ..
  • स्वस्ती श्री: छात्र संघ भवन यानि जुआरियों का अड्डा….
  • चिट्ठी–पत्री : राज्य आंदोलनकारी का सर्टिफिकेट,खुदा खैर करे
  • चिट्ठी–पत्री: अखबार और संन्यास लेने की उम्र में शादी की घोषणा…

आपदा

  • आपदा उनके लिये अय्याशी बनी
  • भूकम्प नहीं, कथित विकास व भ्रष्टाचार विनाशकारी है
  • बकवास है पुनर्वास नीति
  • गढ़वाली लोकगीत : सतपुली की त्रासदी
  • लोकतारिणी गंगा इस साल खतरे का कारण बनी है

उर्जा

  • बड़े बाँध नही, स्थायी विकास चाहिये
  • जन संघर्षों से सीधा जुड़ा इस बार का उमेश डोभाल समारोह
  • अब देवसारी प्रोजेक्ट से गुस्सा
  • अस्तित्व के लिये संघर्षरत जनता होगी लाभान्वित उच्च न्यायालय के फैसले से
  • मंदाकिनी घाटी में आग

कविताऐं-छंद-शेर

  • मुजफ्फरनगर – तुमने सब महसूस किया रतन सिंह
  • मुजफ्फरनगर- बहुत करीब सरक आये हो तुम
  • चल बसन्त : कवि और बसन्त
  • …. उड़त गुलाल लाल भये बादल…….
  • भारत– एक कविता

गैरसैण राजधानी आन्दोलन

  • निशंक सरकार गैरसैंण में बनायेगी सचिवालय ?
  • गैरसैंण को लेकर सरगर्मी तेज
  • अनशन खत्म, अब जायेंगे देहरादून
  • सिर्फ एक स्थान विशेष नहीं है गैरसैण

चिठ्ठी पत्री

  • चिट्ठी–पत्री :भगतदा का जाना और उत्कृष्ट पत्रकारिता
  • चिट्ठी–पत्री : हर शाख में उल्लू बैठा है। न जाने उत्तराखण्ड का क्या होगा
  • चिट्ठी-पत्री : गिरदा की बरसी का अंक, आपदाओं की बरसी का अंक
  • चिट्ठी पत्री: बीना सजवाण कैसी जनप्रतिनिधि हैं?
  • चिट्ठी पत्री : ऐसी विशेषतायें बिरले लोगों में ही होती हैं

चिणुक

  • चिणुक: भ्रष्टाचार: कौन है इसका जिम्मेदार
  • चिणुक: जीवन का अपना अपना लक्ष्य
  • चिणुक : होशियार दीपू की चालाकी
  • चिणुक : परोपकार : एक कविता
  • चिणुक : ‘बेटा-बेटी’ में फर्क

जन आन्दोलन

  • एक किताब बदलाव के लिये
  • शराब के खिलाफ महिलायें
  • युवाओं ने जीवित रखा गैरसैंण का मुद्दा
  • हाँ, दस साल हो गये हैं राज्य बने
  • नदी अभियान की समीक्षा

यात्रायें

  • कितनी निरापद होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा
  • युद्धं देहि……..उन्होंने कहा था
  • छत्तीसगढ़ में हुयी शांति-न्याय यात्रा
  • होली के हुड़दंग से हिमालय की शांत वादियों में – 2
  • इस तरह बीस साल बाद पौड़ी कहाँ होगा ?

व्यक्तित्व

  • यूँही चुपचाप चले गये नवीन नौटियाल
  • मुफलिसी उनके लिये जीवन मूल्य बन गई
  • भक्त दर्शन को क्यों भूल गये हैं हम ?
  • जी हाँ…..मैं नाचता हूँ
  • एक भूले – बिसरे स्वतंत्रता सेनानी की याद

श्रद्धांजली

  • हमने उन्हें जासूस समझा था…
  • पहाड़ के निष्कलुष, मगर फौलादी बेटे थे विद्यासागर नौटियाल
  • राजेन्द्र रावत ‘राजू’ की दूसरी पुण्यतिथि सम्पन्न
  • मेरे सारे गुरुओं में सबसे अलग थे….
  • वे हमें समर्थ देखना चाहते थे

संस्कृति

  • पनघट पर छयल चलो बरछी
  • बगरो बसंत है
  • पद संचालन की दृष्टि से खास है काली कुमाऊँ की होली
  • एक विशिष्ठ परम्परा का जन सामान्य में रुपान्तरण
  • अनोखी है जौनसार की दीवाली

सम्पादकीय

  • सम्पादकीय : कच्छा-बंडी बनाने वाले हमें कंगाल बना कर चलते बनें और हम ….
  • सम्पादकीय : क्यों न सीधे जनरलों को ही खरीद डालें?
  • सम्पादकीय : जोड़-तोड़ की फितरत और किस्मत
  • सम्पादकीय : लट्ठमार ही सही पर बात तो सही है….
  • सम्पादकीय : पोर्न देखना कोई अपराध नहीं है लेकिन……

हास्य-व्यंग्य

  • नव संवतसर का ‘थर्टी फर्स्ट’
  • खुदा खैर करे इन चुनावों से
  • कहाँ-कहाँ से चले आते हैं नैनीताल ! -2
  • कहाँ-कहाँ से चले आते हैं नैनीताल !
  • भ्रष्टाचार तो तरक्की का रास्ता है हजारे जी !

ढूंढें तो सही..

ताजा अंक

छोटा मुँह छोटी बात : क्या उसे भारत रत्न मिलेगा जो….

लेखक: रमदा May 18, 2012

आश्वासनों से स्थगित हुआ आंदोलन

लेखक: अरविंद मुद्गल May 17, 2012

परियोजनाओं के समर्थन के बहाने चल रहा है बड़ा खेल

लेखक: प्रवीण भट्ट May 18, 2012

सम्पादकीय : क्रिकेट का उभार अर्थात अन्य खेलों का उजड़ना

लेखक: राजीव लोचन साह May 18, 2012

हस्तलिखित पत्रिका से राष्ट्रीय बाल पत्रिका का सफर

लेखक: नैनीताल समाचार May 17, 2012

मैं इस सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं करती

लेखक: बबीता उप्रेती May 17, 2012

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जनमबार अंक -11

प्रशान्त राही का जज्बा अभी बरकरार है

लेखक: नैनीताल समाचार September 19, 2011

पशु-पक्षियों को आपदाओं का सहज नैसर्गिक पूर्वाभास होता है

लेखक: नैनीताल समाचार September 19, 2011

पहली बरसी पर गिरदा को याद किया

लेखक: नैनीताल समाचार September 19, 2011

कब बनेगा कोसी का तटबंध

लेखक: नैनीताल समाचार September 19, 2011

बकवास है पुनर्वास नीति

लेखक: पुरुषोत्तम शर्मा September 19, 2011

गढ़वाली लोकगीत : सतपुली की त्रासदी

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परियोजना, विस्थापन और पुनर्वास

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लोकतारिणी गंगा इस साल खतरे का कारण बनी है

लेखक: प्रवीण भट्ट September 18, 2011

रोल गाँव में फूटते धारों का आतंक

लेखक: रोहित जोशी September 18, 2011

भूस्खलन का एक कुख्यात प्रतीक बन गया है सिरोबगड़

लेखक: नैनीताल समाचार September 18, 2011

माफियाओं की लाइफलाईन गौला ने बिन्दुखत्ता को टापू बना दिया है

लेखक: श्याम देउपा September 18, 2011

आपदा का शो पीस बन गया है यमुना घाटी का कफनौल गाँव

लेखक: प्रेम पंचोली September 17, 2011

हरेला अंक-2011

सम्पादकीय : न्यायालय और स्वस्थ लोकतंत्र

लेखक: राजीव लोचन साह August 2, 2011

अथ पौड़ी गाथा-9 : आन्दोलनों की धरती है पौड़ी

लेखक: एल. एम. कोठियाल August 16, 2011

ऐसा पर्यटन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकता है

लेखक: महेश जोशी August 15, 2011

वैश्वीकरण के दौर में थियेटर की प्रासंगिकता

लेखक: नैनीताल समाचार August 2, 2011

तो हम ज़हर खा रहे हैं !

लेखक: नैनीताल समाचार August 15, 2011

दर्जाधारियों के लिए पिकनिक तथा अधिकारियों के लिए मुँह छिपाने का सबब बनीं चौपालें

लेखक: नैनीताल समाचार August 16, 2011

एकता बिष्ट अल्मोड़ा पहुँची

लेखक: नैनीताल समाचार August 15, 2011

हरेले की चिट्ठी बागेश्वर से …..

लेखक: नैनीताल समाचार July 31, 2011

आशल-कुशल : 15 जुलाई से 31 जुलाई 2011

लेखक: नैनीताल समाचार August 15, 2011

क्या महज आस्था के कारण यह देवभूमि है ?

लेखक: हरीश चन्द्र चंदोला August 15, 2011

होली अंक -2012

चल बसन्त : कवि और बसन्त

लेखक: नैनीताल समाचार March 14, 2012

Category: कविताऐं-छंद-शेर

सम्पादकीय : लट्ठमार ही सही पर बात तो सही है….

लेखक: राजीव लोचन साह March 8, 2012

Category: सम्पादकीय

बगरो बसंत है

लेखक: नैनीताल समाचार March 13, 2012

Category: विविध, संस्कृति

एक माह आठ दिन चलती है थरूवाटी होली

लेखक: नैनीताल समाचार March 14, 2012

Category: विविध, होली अंक

अथ पौड़ी कथा.12

लेखक: एल. एम. कोठियाल March 10, 2012

Category: विविध

होली अंक के लिए सप्रेम

लेखक: नैनीताल समाचार March 13, 2012

Category: विविध, होली अंक

सत्तर साल पूर्व दिल्ली की वह होली याद आती है

लेखक: नैनीताल समाचार March 13, 2012

Category: विविध

सौल कठौल : हमार भगतदाक् स्मृति जी रौ लाख सौ बरीस

लेखक: भगत दा March 13, 2012

Category: सौल-कठौल

…. उड़त गुलाल लाल भये बादल…….

लेखक: नैनीताल समाचार March 13, 2012

Category: कविताऐं-छंद-शेर, विविध, संस्कृति

शराब ने बिगाड़ा होली का रंग

लेखक: नैनीताल समाचार March 14, 2012

Category: विविध

आपकी टिप्पणीयाँ

  • madan bisht on कब बनेगा कोसी का तटबंध
  • madan bisht on छिः उत्तराखण्ड के नाम पर सेक्स परोस रही है यह पत्रिका
  • GANESH LOHANI on शराब को इस नजरिये से भी देखिये
  • Praveen Kumar Gupta on सम्पादकीय : कच्छा-बंडी बनाने वाले हमें कंगाल बना कर चलते बनें और हम ….
  • Bhaskar joshi on हमारे बारे में
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  • shakt dhyani on मान्यता है कि आपदा से बचाते हैं विश्वकर्मा
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  • harleen on वसंत : कुछ कवितायें

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