भारतीय पर्वतारोहण संस्थान (आई.एम.एफ.) पर्वतारोहण के 50 वर्ष पूरे होने पर इस वर्ष स्वर्ण जयंती मना रहा है। स्वर्ण जयंती आयोजनों की श्रृंखला के तहत एक ग्यारह सदस्यीय दल पिछले दिनों बागेश्वर से मैकतोली शिखर (6803 मी.) के आरोहण के अभियान पर रवाना हुआ। दल में टीम लीडर एवरेस्टर कर्नल विजय सिंह, डिप्टी लीडर एवरेस्टर कैप्टन ललित कुमार के साथ उत्तराखंड पुलिस के एवरेस्ट विजेता आशीष कुमार भी शामिल हैं। स्वर्ण जयंती आयोजनों के रूप में आई.एम.एफ. के पर्वतारोही दल अभी तक पाँच चोटियों में से चार पर सफलतापूर्वक आरोहण कर चुके हैं। छठी चोटी मैकतोली अभियान पर दल निकला है। उत्तराखंड स्थित सतोपंथ तथा हिमाचल के पौव्वारंग चोटी में महिलाओं के नेतृत्व में गये दल तथा त्रिशूली वेस्ट में आई.एम.एफ. तथा गंगोत्री एक में एच.एम.आई. व आई.एम.एफ. के संयुक्त दल आरोहण कर चुके हैं। सियाचिन में प्लेटियू चोटी में मौसम खराब होने की वजह से आरोहण नहीं हो सका।
मैकतोली चोटी पर अभी तक आई.एम.एफ. द्वारा 1961 में एक बार सफलतापूर्वक आरोहण किया जा चुका है। उसके बाद से अब यह दूसरा अभियान है। 1992 में ओ.एस.डी. अल्मोड़ा के तत्वाधान में मैकतोली अभियान चोटी से लगभग दो सौ मीटर पहले हादसा होने से असफल हो गया था। उस हादसे में चार पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी।
अभियान दल के नेता कर्नल विजय सिंह ने बताया कि 25 अगस्त को दिल्ली में भारत के प्रथम एवरेस्ट अभियान दल के सदस्य मेजर हरीश चन्द्र सिंह अहलूवालिया तथा कैप्टन एम. एस. कोहली ने अभियान दल को फ्लैग ऑफ किया। कर्नल विजय सिंह हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान, मनाली में पाँच वर्ष तक बतौर प्रिन्सिपल रह चुके हैं। दल के डिप्टी लीडर कैप्टन ललित कुमार एवरेस्ट, अन्नपूर्णा सहित कई चोटियों को फतह कर चुके हैं। दल के एक और सदस्य उत्तराखंड पुलिस के आशीष कुमार ने इसी वर्ष एवरेस्ट को फतह किया है। इसके अलावा जोगिन फतह किए हुए सी.आर.पी.एफ. के सुभाष सिंह, कामेट फतेह किए हुए पंजाब पुलिस के कुलविंदर सिंह, कुँवारी पास कर चुके उत्तराखंड के ध्रुव जोशी, कामेट व थेलू फतह किए राकेश जोशी, जे. पी. भटट, तिब्बत में सांग-सांग व थेलू फतह किए हुए राहुल साह, भागीरथी फतह किए हुए रंजन “शर्मा तथा गुजरात के डिजास्टर कोर्स किए हुए टीम डॉक्टर ए. के. वैध “शामिल हैं। मध्य पूर्वी देशों में पंचतारा होटलों में बतौर शैफ अपनी सेवाएँ दे चुके आप्रवासी रमेश चन्द्र साह के आतिथ्य में दल ने एक दिन बागेश्वर में विश्राम किया और बाबा बागनाथ मंदिर के दर्शन कर अभियान की सफलता के लिए आशीर्वाद लिया। कर्नल विजय सिंह ने बताया कि अभियान दल बागेश्वर से अंतिम मोटर हैड सौंग तक वाहनों में जाएगा। सौंग से पैदल धाकुडी, खाती, जातोली, ढुंगियाढौन होते हुए सुंदरढुंगा पहुँचेगा। सुंदरढुंगा ग्लेशियर से आगे आधार शिविर लगाने के उपरांत मैकतोली अभियान के लिए तीन कैम्प लगाए जाएँगे। हिमालय का मौसम तथा अन्य स्थितियाँ अनुकूल रहीं तो 12 सितम्बर से 17 सितम्बर के बीच दल मैकतोली की चोटी फतह करेगा।