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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 04 || 01 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2011:: वर्ष :: 35 :October 16, 2011 पर प्रकाशित
अब देवभूमि में भी शिक्षा मिशन न रह कर एक प्रोफेशन है। दुर्गम क्षेत्र में तैनाती होते ही अध्यापकों द्वारा अपनी या परिवार में किसी और की गंभीर बीमारी का हवाला देकर मैदानी इलाकों में वापिस पहुँचने की तिकड़म शुरू हो जाती है। मेडिकल ग्राउंड पर देहरादून या अन्य मैदानी इलाको में स्थानान्तरण की गुहार [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 01 || 15 अगस्त से 31 अगस्त 2010:: वर्ष :: 34 :September 13, 2010 पर प्रकाशित
आज के इस बदलते दौर में वैलेन्टाइन और ‘फ्रैंडशिप डे’ की तारीख तो शायद हम सब को याद होगी लेकिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे अनेक वीरों की शहादत का दिन बहुत कम को याद होगा। सूरतेहाल यह है कि कुछ को तो 15 अगस्त के दिन विभाग में जाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराना भी [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 22 || 01 जुलाई से 14 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :July 11, 2010 पर प्रकाशित
सरकार अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में बंजर पड़ी कृषि भूमि को सुधारने का प्रयास कर रही है। पौड़ी जिले में 37 हजार 829 हेक्टेयर ऐसी भूमि बंजर पड़ी है, जो कभी हरी-भरी हुआ करती थी। प्राकृतिक स्रोतों के धीरे-धीरे सूखने, कम वर्षा और उस पर जंगली जीवों [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 21 || 15 जून से 30 जून 2010:: वर्ष :: 33 :June 30, 2010 पर प्रकाशित
पौड़ी के निकट कल्जीखाल क्षेत्र में दो दिन के खैरलिंग मेले पर इस वर्ष प्रशासन, स्थानीय निवासियों, पशुबलि का विरोध करने वाली संस्था बिजाल से लेकर राजनीतिक दलों की भी नजर थी। सब इसी असमंजस में थे कि क्या इस वर्ष भी भैंसों की बलि दी जायेगी। वर्ष 2005 की घटना से प्रशासन चौंकन्ना था [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 20 || 01 जून से 14 जून 2010:: वर्ष :: 33 :June 10, 2010 पर प्रकाशित
बाँधो की खातिर विस्थापन तो उत्तराखण्ड के निवासियों की मजबूरी है। लेकिन अब यहाँ के देवी देवता भी विस्थापन के लिये विवश हैं। जिस देवी के दर्शन मात्र से ही जीवन में ऊर्जा का संचार होता था, अब उसी देवी को 330 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन के लिये ऊपर उठाने की योजना है। अलकनंदा जल विद्युत [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 19 || 15 मई से 31 मई 2010:: वर्ष :: 33 :May 22, 2010 पर प्रकाशित
जोशीमठ के निकट हिमालय की वादियों में बसे खूबसूरत गांव सलूड़ डूंग्रा का एक दिन का रम्माण मेला यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर धोषित होने के बाद से आजकल सुर्खियों में है। गांव में मकान दूर-दूर हैं, खूब खेती है और गॉव के शीर्ष से घना जंगल शुरू हो जाता है। शहरों की भीड़-भाड़ और [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2010:: वर्ष :: 33 :April 28, 2010 पर प्रकाशित
मंडल मुख्यालय पौड़ी के बाशिन्दों को गर्मियों की तपिश का एहसास मैदानी इलाकों की तरह चिलचिलाती धूप से नहीं, बल्कि पेयजल आपूर्ति के पूर्णतया गड़बड़ाने से होता है। पौड़ी से दिखने वाली लंबी हिमाच्छादित पर्वत श्रृंखला गर्मियों में धुंध की चादर ओढ़ अदृश्य हो जाती है। भूले भटके आये पर्यटकों को ही कभी कभार हिमदर्शन [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2010:: वर्ष :: 33 :April 27, 2010 पर प्रकाशित
गर्मी की शुरूआत में ही कंडोलिया में लगी भीषण आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि प्रशासन उसके सामने बौना हो गया। शहर में उपलब्ध एक मात्र फायर टेंडर अपना सब कुछ झोंक के खाली हो गया, लेकिन वनाग्नि का तांडव चलता रहा। जिलाधिकारी और स्थानीय विधायक मोबाइल पर श्रीनगर व और अन्य [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 16 || 01 अप्रेल से 14 अप्रेल 2010:: वर्ष :: 33 :April 12, 2010 पर प्रकाशित
पौड़ी जनपद के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में वृक्षों का अवैध कटान किस स्तर पर होता होगा, इसका अंदाज़ा सहज ही इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले के मुख्यालय में ही वन विभाग की नाक के नीचे सैकड़ों पेड़ों पर आरी चला दी गयी और वन विभाग को भनक भी न लगी। या कहें [...]
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लेखक : अरविंद मुद्गल :: अंक: 16 || 01 अप्रेल से 14 अप्रेल 2010:: वर्ष :: 33 :April 8, 2010 पर प्रकाशित
पिछले साल तक वीआईपी सीट का दर्जा रखने वाली धुमाकोट विधानसभा के दिन अब लद गए हैं। पौड़ी जनपद में इस वर्ष आपदा राहत कोष की दो करोड़ रुपये की बंदरबाँट में पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचन्द्र खण्डूरी की विधानसभा धूमाकोट के हाथ सबसे कम 14.79 लाख की धनराशि लगी और 45.26 लाख रुपये पाकर मुख्यमंत्री की [...]
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