हर रह गुज़र में था साथ वो
1977 में मुझे गंगोलीहाट से पढ़ाई के लिए नैनीताल लाया गया। ददा व भाभी कभी घर से बाहर जाते तो गिरदा को हमारी जिम्मेदारी सौंप जाते। वह हमारे संरक्षक का दायित्व निभाता। उसी साल वन आन्दोलन में गिरदा, ददा, राजीव दा व अन्य साथियों के साथ हुड़के की थाप पर ‘‘आज हिमाल तुमन कैं धत्यूछौ, [...]
क्यों पढ़ाई में पिछड़ रही हैं उत्तराखंड की बेटियाँ
उत्तराखण्ड में लड़की के पैदा होने पर मातम नहीं छाता, न भ्रूण हत्या की समस्या विकराल है। महिलाओं की जन आन्दोलनों में ऐतिहासिक भागीदारी रही है और आज भी ग्रामीण महिलायें जागरूकता के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं। मगर आश्चर्य होता है कि इसी समाज में लड़की को शिक्षित होने से रोकने वाली अनेक शक्तियाँ, [...]
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