लेखक : भगत दा :: अंक: 24 || 01 अगस्त से 14 अगस्त 2011:: वर्ष :: 34 :September 3, 2011 पर प्रकाशित
‘गुल हुई जाती है अफसुर्दा सुलगती हुई शाम। धुल के निकलेगी अभी चश्म ए महताब से रात . . .’ नैनीताल क्लब चौराहा, पाँगर के विशाल पेड़ों के ठीक नीचे बहते गधेरे से सटे व्यावसायिक भवन के अंदरुनी हिस्से का एक छोटा सा कमरा, जिसकी विशालकाय खिड़की से बहते नाले का स्वर रात के सुनसान [...]
Posted in विविध, श्रद्धांजली, संस्मरण | Tagged girda, girda and culture, girda and education, girda and theate, people's voice, tribute to girda | Leave a response
लेखक : भगत दा :: अंक: 15 || 15 मार्च से 31 मार्च 2011:: वर्ष :: 34 :May 6, 2011 पर प्रकाशित
इधर पिछली बार की तरह हुक्काराम जी बजट की सम्भावित घोषणाओं की चर्चा में आते ही सक्रिय हो गये हैं। कुछ लाल बत्ती जनित चिन्तायें उनके गले में फाँस की तरह अटक जाती हैं-पूछने पर वह इस अटकन को कुछ यों बया करते हैं…इधर बड़ी सरकार एक दम पराई है। लोकल सरकार तो अपनी ठैरी। [...]
Posted in विविध, सौल-कठौल | Tagged holi, holi and budget, holi and satire, holi comedy, hukkaram, satire on holi | Leave a response
लेखक : भगत दा :: अंक: 13 || 15 फरवरी से 28 फरवरी 2010:: वर्ष :: 33 :February 24, 2010 पर प्रकाशित
बीसवीं सदी का आखिरी दशक लोकल कमान से लेकर हाई कमान तक हुक्काराम के संघर्ष की कहानी अब हमारे लिये कम रोचक नहीं रही। एक बार अनजाने में हमने उन्हें अनसुना कर दिया तो उन्होंने हमें विरोधी गुट वालों की सूची में शामिल कर हमारी छलड़ी कर दी। तब से हमारी मेजबानी का तरीका ही [...]
Posted in सौल-कठौल, होली अंक | Tagged festivals, holi, holi edition 2010, holi festival, kumaoni holi, uttarakhand festivals | Leave a response
लेखक : भगत दा :: अंक: 13-14 || 15 फरवरी से 14 मार्च 2009:: वर्ष :: 32 :February 15, 2009 पर प्रकाशित
किसी जमाने में जब भी होली आने को होती, हम हुक्काराम जी की चौपाल में होते। वहाँ खड़ी होली, बैठ होली, लकड़ी की सींक सहित आलू के गुटके की बातें होती। तभी होलियार स्वाँग के कलाकारों की एक टीम बनती। चुने हुए लोगों की उनकी इन्तजामी व्यवस्था, चाहे वह शादी ब्याह की हो या किसी [...]
Posted in विशेषांक, सौल-कठौल, होली अंक | Tagged holi swang, satire on indian politics, vote politics, हास्य-व्यंग्य | Leave a response
almora autobiography bageshwar birthday edition birthday edition-09 corruption news development dewendra mewari disaster-management education edition forest girda girda edition girda edition of nainital samachar government government policies gram ganrajya edition hardwar hydro power hydro power projects journalism memoir mera-gaon-merey-log nainital natural disaster news from uttarakhand pauri people people of uttarakhand pithoragarh politics rain tribute tribute to girda udhamsingh nagar uttarkashi village empowerment आपदा ग्राम गणराज्य अंक चिठ्ठी पत्री पर्यावरण भ्रष्टाचार शिक्षा शिक्षा अंक सम्पादकीय

By नैनीताल समाचार on September 19, 2011
Category: जनमवार अंक, विविध, विशेषांक

By नैनीताल समाचार on September 19, 2011
Category: जनमवार अंक, विविध, विशेषांक

By नैनीताल समाचार on September 19, 2011
Category: जनमवार अंक, विविध, विशेषांक
By पुरुषोत्तम शर्मा on September 19, 2011
Category: आपदा, जनमवार अंक, विविध, विशेषांक

By नैनीताल समाचार on September 19, 2011
Category: आपदा, कविताऐं-छंद-शेर, विविध

By नैनीताल समाचार on September 18, 2011
Category: जनमवार अंक, विविध, विशेषांक
सिमतोला इको पार्क: ‘यहाँ अपने पदचिन्हों के अलावा कुछ मत छोडि़ये’By नैनीताल समाचार on August 15, 2011
जन यात्रा: उत्तराखण्ड से हो सकती है वैकल्पिक विकास के प्रयोग की शुरूआतBy नैनीताल समाचार on August 16, 2011
तो ऐसे हो रहा है घायल उत्तराखण्ड का इलाजBy नैनीताल समाचार on March 24, 2011
Category: आपदा, भ्रष्टाचार, विविध
अस्तित्व के लिये संघर्षरत जनता होगी लाभान्वित उच्च न्यायालय के फैसले सेBy महेश जोशी on March 24, 2011
जरूरत है पर्वतीय कृषि को बचाने हेतु कड़े कानून व ठोस नियोजन कीBy हरीश जोशी on April 4, 2011
Category: विविध
By नैनीताल समाचार on April 5, 2011
Category: विविध, श्रद्धांजली, संस्मरण
आपकी टिप्पणीयाँ