होली आते ही मन में चुलमुलाट पड़ जाती है!
गंगोलीहाट इलाके में होली के जानकार लोगों को महन्त कहा जाता है। ये महन्त गीत संगीत के विशेषज्ञ माने जाते हैं। ऐसे ही एक महन्त चहज गाँव के तारा दत्त भी हैं, जिन्हें लोक कलाकार कहा जाये तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। पारीगाँव तोक में 1928 में जन्मे तारादत्त जी जन्म से ही दृष्टिहीन हैं। मगर [...]
अब वैसा नहीं रहा है गंगा का मायका
उत्तरकाशी जिले में स्थित 4,000 मीटर से लेकर 1,500 मीटर में स्थित गोमुख, भोजवासा, धराली, हर्शिल, दानपुर, रैंथल, दयारा, बड़कोट, नौगाँव, खलाड़ी, पुरोला क्षेत्रों के एक सामान्य अध्ययन से पता चला कि यहाँ का जन जीवन दिन प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। निरीह ग्रामीण विकराल होती आपदाओं के शिकार हो रहे हैं। साथ ही [...]
जलवायु परिवर्तन की मार उच्च हिमालयी इलाकों पर भी पड़ रही है
जलवायु परिर्वतन के गंभीर प्रभाव हिमालय के वातावरण, तापमान, भूमि, जैव विविधता, आजीविका और संस्कृति आदि पर भी दिखने लगे हैं। बागेश्वर जिले के कपकोट विकास खण्ड में समुद्र सतह से 3,000 मीटर ऊँचाई के आसपास स्थित ग्राम खाती, बाछम, उमला, भगदानू, खलीधार(सेरा) व सूपी गाँवों के ग्रामीणों से सम्पर्क के दौरान पता चला कि [...]
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