नव संवतसर का ‘थर्टी फर्स्ट’
‘‘ये नैनीताल में ‘थर्टी फर्स्ट’ क्यों मनाया जाता है ?’’ ‘‘नैनीताल पयर्टक नगरी है, पर्यटन यहाँ का मुख्य धंधा है। इससे शहर की खुशहाली जुड़ी है। अतिथि सत्कार यहाँ की परम्परा है।’’ ‘‘थर्टी फर्स्ट में कैसे-कैसे अतिथि आते हैं, तुम जानते ही हो। खाओ पियो, ऐश करो और अंग्रेजी में गाली दो, ये हमारी संस्कृति [...]
‘लोक’ का अद्भुद खजाना
महिला समाख्या ने 10 व 11 अप्रेल को नैनीताल में लोकगीतों का दुर्लभ खजाना खोल कर रख दिया। जो लोग इन दो दिनों में तल्लीताल के परमा शिवलाल दुर्गासाह धर्मशाला में मौजूद रहे, वे अपने आप को निश्चित रूप से भाग्यशाली समझ रहे होंगे। जो लोग मान बैठे हैं कि लोक संस्कृति अब डाइलिसिस पर [...]
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