क्या होगा इन अभ्यर्थियों का
अध्यापन के क्षेत्र में कैरियर बनाने का सपना देखने वाले प्रशिक्षित बेरोजगारों के सपने धरे रह गये हैं। अध्यापक पात्रता परीक्षा कई उतार चढ़ावों को पार करने और सरकारी आश्वासनों के बीच सम्पन्न हो गई। परीक्षाफल में कुछ फेरबदल कर परिणाम भी दे दिया गया है, मगर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पूर्व में कयास [...]
इस बार उद्वेलित रही केदार घाटी
केदारनाथ में इस बार तीर्थयात्रियों को कई कष्ट झेलने पड़े। पहले घोड़े-खच्चरों की संक्रामक बीमारी से तीर्थयात्रियों की फजीहत हुई। फिर गौरीकुंड-केदारनाथ मोटर मार्ग को लेकर एक आंदोलन चला। इनका कहना था कि गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच 14 किमी. की तीखी चढ़ाई के कारण तीर्थयात्रियों को कई कष्ट झेलने पड़ते हैं। बद्रीनाथ धाम में [...]
नातियों को लेकर व्याकुल है सोबती देवी
बुढ़ापे में बेटे भी मुँह फेर लें तो आदमी के जीने का कोई उद्देश्य ही नहीं रह जाता, परन्तु इतना सब कुछ होने के बावजूद भी भैंसारी गाँव की 70 साल की सोबती देवी अपने नातियों को फिर से आँगन में हँसते-खेलते देखने की चाह में जीवित है। पाँच महीने पहले उसकी बहू अपने दो [...]
जब लोग ही इस पवित्र जल को नहीं बचा पा रहे हैं
रुद्रप्रयाग की चिट्ठी गुप्तकाशी से 7 किमी. दूर जाखधार में प्रति वर्ष वैशाख में लगने वाला ‘बिखोत मेला’ नयी सोच के लोगों के लिये शोध का विषय है। यहाँ तेरह गाँवों का देवता जाख, भक्त लोगों की वर्षा या धूप की फरियाद अवश्य पूरी करता है। जाख, यक्ष का दूसरा रूप है। वनवास में रह [...]
यहाँ भी जल विद्युत परियोजनाओं से लोग अपना परिवेश नष्ट होते देख रहे हैं
मंदाकिनी की चिठ्ठी उत्तराखंड की लगभग सभी छोटी-बड़ी नदियों के पानी से विद्युत निर्माण करने का सफल फार्मूला बड़ी-बड़ी कम्पनियों को मिल ही गया है। रुद्रप्रयाग जनपद में भी कई योजनायें प्रस्तावित या निर्माणाधीन हैं। कुंड के पानी को रोक कर सुरंग के माध्यम से वेडूबगड़ में ले जाकर विद्युत निर्माण का काम स्थानीय लोगों [...]
बिना रीडिंग के बिजली बिल
उत्तराखंड विद्युत बोर्ड लिमिटेड के दोहरे व्यवहार से मंदाकिनी घाटी की आम जनता बेहाल है। जहाँ एक ओर आसमान छूती बिजली दरें लोगों के जीवन में जहर घोल रही हैं, वहीं दूसरी ओर विद्युत आपूर्ति में निरन्तरता का कायम न रहना भी लोगों की परेशानी का सबब बन रहा है। जहाँ तक मुझे याद है, [...]
चिकित्सा और दूरसंचार से परेशान है मंदाकिनी घाटी
अंतिम बार मैंने 5 जुलाई 2006 को फोन किया था। बातें हुई थीं। मगर उसके बाद कमबख्त दूरसंचार विभाग की लापरवाही के कारण फोन ठीक ही नहीं हुआ है। कभी-कभी तो केवल घंटी का स्वर ही दूसरी ओर से आता है, या फिर ऐंगेज का उबाऊ स्वर। जब सब कुछ असह्य होने लगा तो एक [...]
केदारघाटी में घुस आये शराब के तस्कर
आबकारी विभाग से सरकार को राजस्व के रूप में जितना पैसा मिलता है, उतना शायद ही कहीं और से मिलता हो। मगर जहाँ एक ओर शराब की बोतलों पर कीमत चस्पाँ कर लोग कुछ राहत ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तयशुदा रेट से अधिक कीमत वसूल कर शराब के कारोबारी अधिक पैसा बटोर रहे [...]
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