फार्मसिस्टों को तुगलकी फर्मान
लखनऊ में बंद कमरों के भीतर से हिमालयी क्षेत्र के लिए अव्यावहारिक आदेश निकलने के कारण ही उत्तराखण्ड राज्य की माँग उठी थी। मगर राज्य बनने के बाद भी यह क्रम जारी है। उत्तराखण्ड सरकार ने फार्मासिस्टों को शिड्यूल-एच की दवाइयाँ फोन द्वारा डॉक्टर से पूछने के बाद ही लिखने का जो आदेश दिया है, [...]
कब बनेगा अस्पताल ?
महिला अस्पताल पिथौरागढ़ में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किये आपरेशन कक्ष की मरम्मत शुरू करने पर कई तरह की समस्यायें शुरू हो गई हैं। एक पखवाड़े से यहाँ गर्भवती महिला का तक ऑपरेशन नहीं हो पाया। सभी रोगिणियों को 120 किमी दूर अल्मोड़ा रेफर किया जा रहा है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले तथा अन्य संगठनों [...]
अभी बदहाल हैं सीमान्त की सड़कें
पूरे भारतवर्ष में उत्तराखण्ड तीसरा राज्य है, जहाँ आपदा की घटनाओं से निपटने के लिए अलग विभाग गठित किया गया है। ऑस्ट्रेलियन मॉडल पर गठित किया गया यह विभाग आपदाओं के प्रति जनजागरूकता के नाम पर करोड़ों रुपये की बर्बादी कर रहा है। इस सीमान्त में आपदाओं का लम्बा इतिहास है। 1977 में तवाघाट में [...]


आपकी टिप्पणीयाँ