‘भृकुटी’ के बहाने जानें अपने अतीत को
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर लिखे गये उपन्यास ‘भृकुटी’ में तत्कालीन भारत, नेपाल, तिब्बत और चीन के महत्वपूर्ण अन्तर्सम्बन्धों को रेखांकित करने का प्रयास किया गया है। ‘नैनीताल समाचार’ के दिवंगत सहयोगी डॉ. चन्द्रेश शास्त्री के पिता चन्द्रशेखर शास्त्री द्वारा लगभग पचास वर्ष पूर्व लिखे गये इस उपन्यास में वर्णित कुछ ऐसे ऐतिहासिक तथ्यों की झलक प्रस्तुत [...]
वह दरवाज़ा अब बंद हो चुका है : देवेन्द्र नैनवाल
गिरदा का हाल जानने के लिए जब उस दिन फोन पर बात हुई तो ऑपरेशन सफल रहने की जानकारी से सुकून मिला था। परन्तु अगले दिन इंटरनेट पर उनके दिवंगत हो जाने की खबर पर सहसा यकीन नहीं हुआ। शेखर को फ़ोन मिलाने पर उन्होंने बताया कि वे लोग तभी गिर्दा का पार्थिव शरीर लेकर [...]
आजादी के मायने
15 अगस्त। यह दिन मुझको एक आत्मिक प्रसन्नता देने के साथ ही हर साल मेरे सामने निराशाओं से लिपटे कई सवालात भी खड़े कर देता है। आत्मिक प्रसन्नता तो इस कारण कि इस एतिहासिक दिवस के सन्दर्भ में बचपन की अनेक भोली भाली यादें जुड़ी हुई हैं, जब बालक मन ने स्वतंत्रता प्राप्ति का सपना [...]
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