‘कल चुण्डी चखुली’
‘कलचुण्डी चिड़िया’ गढ़वाली लोकबोली के अनुसार ‘दीन रात नहेण धुएण कर दी छौ-कर दी, छौ, सब्या बोदीं काली छै, काली छै, काली छै।’ की धुन पर आधारित यह गीत उत्तराखण्ड राज्य व गैरसैंण राजधानी के लिये शहीद हुए साथियों की कल्पना को साकार करने हेतु समर्पित है – दीन रात एकि बात बोल्दि छौं, टक्क [...]
गिर्दा आखिर क्या था ?
एक वाक्य में कहूँगा- ‘गिरदा मैक्सिम गोर्की की कहानियों का एक साधारण सा पात्र था, जो अपने जीवन में एक ऐसा असाधारण कर जाते हैं कि दुनिया उन्हें सदा याद रखती है।’ गोस्वामी तुलसीदास के राम हर इन्सान के हृदय में ईश्वर की मूर्ति बन कर विराजमान हैं। अर्थात् हम ये स्वीकार करते हैं कि [...]
ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार…..3
एक बार सुरेश को भी बहुत बुरी तरह पीलिया हुआ था। बी.डी. पाण्डे अस्पताल में भर्ती। मैंने उससे पूछा, ‘‘यार ये पीलिया होता क्या है ?’’ वह बोला, ‘‘डॉक्टर गन्ने का रस पीने के लिये कहते हैं। मीठे की कमी है शायद।’’ मैंने कहा, ‘‘गन्ने का रस शायद न मिले नैनीताल में। तो ऐसा करना, [...]
ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार…..2
कर्नल गुप्ते…………….पुराने किले में किया गया वह प्रकाश ध्वनि का कार्यक्रम ‘बढ़ते कदम’ हमेशा याद रहेगा. ….याद रहेगा, उसी दौरान कर्नल गुप्ते के विरुद्ध सभी विभागों के कलाकारों का आंदोलन। हम भी हड़ताल में बैठे थे कि हमारे प्रशिक्षक रमेश चन्द्र जोशी जी का पत्र नैनीताल से मेरे लिये आया, जिसमें बाहर से लिखा था, [...]
ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार-1…..
(गीत एवं नाटक प्रभाग में कार्यरत एक बेहद खुशमिजाज और जिन्दादिल कलाकार सुरेश पांडे का 9 अक्टूबर 2007 को देहान्त हो गया। इस लेख के माध्यम से धरमबीर परमार ने प्रभाग के सभी दिवंगत कलाकारों को अपनी श्रद्धांजलि दी है। -सम्पादक) बात साठ के दशक की है जब टी.वी. का प्रकोप नहीं था। दर्शक गीत [...]
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