यह शिक्षा दो तरह की दुनिया का निर्माण कर रही है
आज से बीस साल पहले जब हम लोग पढ़ रहे थे तो स्कूलों के रूप में सरकारी, अशासकीय, संस्कृत विद्यालय, मदरसे और हम को दूर से ही भयभीत करने वाले सैनिक स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय और कुछ नामी-गिरामी पब्लिक स्कूल थे। आज हर ओर फैल चुके कॉन्वेंट स्कूलों की तब शुरूआत हो रही थी। हमारे साथ [...]
शिक्षा राष्ट्र की सुरक्षा से कम जरूरी नहीं
हाल में राज्य में सरकारी विद्यालयों में बोर्ड का रिजल्ट सुधारने को गठित समिति ने सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपी हैं। समिति ने ऊपर से दिखायी देने वाली चीजों की ओर इशारा कर दिया और थोड़ा बहुत साहस दिखाकर कुछ क्षेत्रों में सरकार की चूक को भी स्वीकार किया। उसने माना कि विद्यालयों में सी.बी.एस.ई. [...]
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