वाह फागुन की हवायें…… होली है !
कैसे-कैसे रंग लेकर आती हैं फागुन की हवायें ? जितने चेतन पदार्थ, उतने रंग। जितने प्राणी, उतने रंग। जितने मनुष्य, उतने रंग। कोई लम्बी नींद से जागता है, कोई लम्बी नींद सो जाता है। कोई चहकता है, कोई महकता है, कोई फुदकता है, कोई लहराता है। कोई साथियों की खोज में चल पड़ता है, तो [...]
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