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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 10 || 01 जनवरी से 14 जनवरी 2012:: वर्ष :: 35 :January 16, 2012 पर प्रकाशित
मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई. कुरैशी ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तिथि 30 जनवरी रख कर उत्तराखंड निवासियों के मुँह पर करारा थप्पड़लगाया है। फिलहाल वोट के मैदान में मछली बाजार लगाने वालों के कोलाहल में उत्तराखंडवासियों की कराह घुट कर रह गई है, मगर इस एक घटना ने यहाँ के निवासियों को उनकी [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 10 || 01 जनवरी से 14 जनवरी 2012:: वर्ष :: 35 :January 16, 2012 पर प्रकाशित
पृथ्वी पर सात अरब की आबादी लाँघ गया वर्ष 2011 खलबली वाला रहा … विश्व रंगमंच पर ओसामा बिन लादेन का मारा जाना शायद साल की सबसे बड़ी घटना थी। एबटाबाद में आतंक के इस सरगना को जिस तरह अमेरिकी कमांडो ने मारा, उसके घाव पाकिस्तान अभी भी सहला रहा है। यहाँ तक कि मजहब [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 09 || 15 दिसंबर से 31 दिसंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 31, 2011 पर प्रकाशित
11 दिसम्बर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अण्णा हजारे द्वारा किये गये एक दिवसीय उपवास से दो बातें साफ हुईं। एक यह कि अण्णा हजारे का आकर्षण कम भले ही हुआ हो, अभी टूटा नहीं है। दूसरा, टीम अण्णा रणनीतिक सोच और पेशेवर प्रबंधन में बहुत आगे है। सरे राह ऐसी पंचायत लगा देना जहाँ [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 08 || 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 17, 2011 पर प्रकाशित
इस पखवाड़े चर्चा में आयी तीन प्रमुख घटनाओं से देश का मौजूदा परिदृश्य समझने में मदद मिलती है। केन्द्र सरकार ने खुदरा व्यापार में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को अनुमति देने का निर्णय किया है। इसका न सिर्फ समाज के प्रबुद्ध लोगों और आन्दोलनकारी संगठनों ने विरोध किया है, बल्कि पक्ष-विपक्ष के सभी राजनैतिक दल, जो [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 08 || 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 16, 2011 पर प्रकाशित
ऐसा लगता है कि नैनीताल में तमाम असामाजिक तत्व संगठित हो गये हैं और यहाँ के स्थायी निवासियों ने अपनी बिखरती ताकत से हताश होकर चुप्पी साध लेना बेहतर समझ लिया है। किसी समाज के लिये आत्मघाती खामोशी से खतरनाक बात और कोई नहीं हो सकती। वर्ष 2010 में अनेक शिकायतें प्राप्त होने के बाद [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
नैनीताल फिल्म फेस्टिवल के तीसरे संस्करण के बाद यह उम्मीद की जानी चाहिये कि नैनीताल स्थायी रूप से वैकल्पिक फिल्मों के प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण केन्द्र बन कर उभरेगा और समानान्तर सिनेमा के सभी महत्वपूर्ण व्यक्ति यहाँ के फिल्म समारोह में शामिल होकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस करेंगे। यह आसान काम नहीं है। समारोह [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
सूरज कर्नाटक पर क्या और कैसे लिखूँ, यह सोचते-सोचते एक पखवाड़ा निकल गया और समाचार का एक अंक भी। जो परिचित पिछले बीस-पच्चीस साल से मुझे रोज वंशी चौधरी की दुकान से पान लेते और एक पान नियमित रूप से बगल में सूरज को खिलाते हुए देखते रहे हैं, वे ताज्जुब कर रहे होंगे कि [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
उत्तराखंड राज्य बने 11 वर्ष पूरे हो गये। जो प्रदेश जनता द्वारा सुदीर्घ आन्दोलन और दर्जनों प्राण न्यौछावर कर प्राप्त किया गया हो, उसके स्थापना दिवस पर वैसा ही उत्साह दिखाई देना चाहिये था, जैसा दीवाली या ईद जैसे त्यौहारों पर होता है। लेकिन आम जनता द्वारा इस महत्वपूर्ण दिन की पूरी तरह उपेक्षा करना [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 06 || 01 नवंबर से 14 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :November 15, 2011 पर प्रकाशित
अब हम दीवाली में निठल्ले जैसे ही रहते हैं…. चार साल पहले तक हम लोग महालक्ष्मी पूजा के दिन चवन्नी फुलबोट का फल्लास खेलते रहे। लोग मजाक उड़ाते थे कि चवन्नी का जुआ भी कोई जुआ होता है करके। लेकिन हम भी निहायत जिद्दी ठहरे ! अब तो खैर रिजर्व बैंक ने ही चवन्नी को [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 06 || 01 नवंबर से 14 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :November 15, 2011 पर प्रकाशित
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस निर्णय, जिसमें अदालत ने प्रदेश में भूमि खरीद की सीमा तय करने के लिये बने कानून को निरस्त कर दिया था, पर रोक लगाने से उत्तराखंड आन्दोलनकारियों और सभी प्रबुद्ध लोगों ने राहत की साँस ली है। उत्तराखंड हाईकोर्ट का फैसला आते ही भू माफिया की बाँछें खिल [...]
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