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लेखक : गजेन्द्र पाठक :: अंक: 24 || 01 अगस्त से 14 अगस्त 2011:: वर्ष :: 34 :September 2, 2011 पर प्रकाशित
बाँज पर्यावरण संतुलन, जैवविविधता एवं जल संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्ष है। इस सदाबहार वृक्ष की जड़ से लेकर तने तक का प्रत्येक भाग किसी न किसी रूप में उपयोगी है, अतः इसे पहाड़ का कल्प वृक्ष भी कहा जाता है। ग्लोबल वॉर्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन के वर्तमान दौर में इस वृक्ष का महत्व [...]
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लेखक : गजेन्द्र पाठक :: अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2011:: वर्ष :: 34 :May 29, 2011 पर प्रकाशित
स्याहीदेवी, शीतलाखेत में तेंदुओं के हमले से पिछले डेढ़ वर्ष में एक युवक तथा चार मासूम बच्चों की जानें गई हैं। शासन-प्रशासन तथा वन विभाग मृतकों के परिजनों को मुआवजा देकर तथा तेंदुओं को गोली मारने या पिंजरे में बंद कर देने तक ही सीमित रह गये हैं। तेंदुओं के नरभक्षी होने के कारणों की [...]
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लेखक : गजेन्द्र पाठक :: अंक: 13 || 15 फरवरी से 28 फरवरी 2011:: वर्ष :: 34 :March 1, 2011 पर प्रकाशित
छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें आने के पश्चात सरकारी कर्मचारियों के वेतनमानों में कल्पनातीत वृद्धि हुई है। इस वक्त सरकारी कर्मचारी का न्यूनतम वेतनमान लगभग बारह हजार रुपया प्रतिमाह है, जो निजी क्षेत्र के कार्मिकों से बहुत ही अधिक है। वेतन के आधार पर यह कतई नहीं कहा जा सकता कि सरकारी सेवायें निजी [...]
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लेखक : गजेन्द्र पाठक :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 11, 2011 पर प्रकाशित
पिछले कई वर्षों से सूखा झेल रहे उत्तराखण्ड के लिये 2010 का साल खूब वर्षा लेकर आया। मगर एक बार जब वर्षा शुरू हुई तो उसने रुकने का नाम नहीं लिया। वर्षा के सारे कीर्तिमानों को ध्वस्त करते हुए इतना पानी बरसा कि उसे बाँधने की क्षमता जमीन, गाड़-गधेरों या नदियों में नहीं रही। मानव [...]
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लेखक : गजेन्द्र पाठक :: अंक: 20 || 01 जून से 14 जून 2010:: वर्ष :: 33 :June 9, 2010 पर प्रकाशित
पेयजल, जैव विविधता तथा पर्यावरण के लिये महत्वपूर्ण स्याहीदेवी शीतलाखेत के 1100 हैक्टेयर क्षेत्रफल में फैले आरक्षित वन को बचाने के लिये चलाये जा रहे ‘जंगल बचाओ, पानी बचाओ’ अभियान के 7 वर्ष पूरा होने पर शीतलाखेत में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। स्याही देवी क्षेत्रीय विकास मंच द्वारा आयोजित इस बैठक में मुख्य [...]
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लेखक : गजेन्द्र पाठक :: अंक: 14 || 01 मार्च से 14 मार्च 2010:: वर्ष :: 33 :March 5, 2010 पर प्रकाशित
स्याहीदेवी-शीतलाखेत के जंगलों के बचे-खुचे गुलदार, तेंदुओं ने अब निकटवर्ती ग्रामसभाओं के कुत्तों, गायों, बैलों, बकरियों को मारने के बाद अब मनुष्यों पर भी हमला शुरू कर दिया है। एक दुःखद घटना में पिछले छः महीनों में आदमखोर तेंदुए द्वारा दो मनुष्यों को अपना निवाला बना लिया गया है। जंगली जानवर द्वारा पहली बार मनुष्य [...]
Posted in जंगल, पर्यावरण, विविध | Tagged animal menace, forest, leopard menace, पर्यावरण |
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