बागेश्वर: दबंग हुआ प्रशासन
मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के निर्देशों के बाद जिस तरह बागेश्वर प्रशासन व्यवसायियों के साथ सलूक कर रहा है, उससे लगता है मानो वह अपनी खार उतार रहा हो। होटल, रेस्टोरेंट, शराब की पंजीकृत दुकानों, वाहन, सफाई व्यवस्था, खनन आदि को सुचारू बनाने के लिए डाले जा रहे छापे आम जनता जनार्दन को ही मुश्किल में [...]
तब की जैसी होली अब कहाँ…
होली शब्द सुनते ही मन में शरारत और हरारत एक साथ शुरू हो जाती है। रंगों का यह त्यौहार कुछ ऐसा ही है। लेकिन मेरे गाँव की होली तो अजीब थी। हर घर में होली का त्यौहार मिट्टी, गोबर तथा कीचड़ के पानी को एक-दूसरे पर डालकर मनाया जाता था। मुझे लगता है तब गाँव [...]
तो ऐसी रही बागेश्वर जनपद की विकास यात्रा
उत्तराखंड राज्य के गठन से पूर्व ही सितंबर 1997 में बागेश्वर जिले की स्थापना हो गई थी। तब से जिले का विकास मंथर गति तथा अनियोजित रूप से हो रहा है। राज्य बनने के बाद आशा की एक किरण दिखाई दी थी, लेकिन सत्ता का सुख भोग रहे नेताओं ने जिले की सुध नहीं ली। [...]
अभी बची हुई हैं आस्थायें
कोट भ्रामरी मेला इस बार युवाओं के हाथ में था। पाश्चात्य संस्कृति की परछाई दूर-दूर तक नहीं थी। बुजुर्ग भी मेले को लेकर खुश थे। उद्घाटन से लेकर समापन तक कुमाउँनी, गढ़वाली संस्कृति की भरपूर झलक दिखने को मिली। 14 सितंबर को मेले का उद्घाटन विधायक चंदन राम दास ने किया। रात भर कोट भ्रामरी [...]
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