एक बार फिर से एडसिल
उत्तराखण्ड की सरकारें प्रशिक्षण प्रवेश परीक्षाओं की जिम्मेदारी लेने से अभी भी कतरा रही हैं। प्रि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आयोजन हेतु पूर्व में ब्लैक लिस्टेड एडसिल उ.प्र. को जिम्मेदारी सौंपे जाने से तो यही साबित होता है। एडसिल अर्थात् ‘एजुकेशनल कन्सल्टेंट इंडिया लिमिटेड, नौएडा’ इस राज्य के शिक्षित युवाओं के लिये नया नाम नहीं [...]
इतराने लायक क्या है खंडूरी सरकार के एक साल के कार्यकाल में ?
8 मार्च को उत्तराखंड की दूसरी निर्वाचित सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला साल पूरा किया। सत्ता पर काबिज भाजपा ने इस दिन को राज्यव्यापी समारोहों के माध्यम से मनाया है। परन्तु क्या राज्य में ऐसा कुछ हुआ है, जिससे जनता इन समारोहों से हार्दिक रूप से जुड़ सकी हो ? सच तो यह है [...]
छेदीलाल बनाम सुराख अली बनाम होलचन्द
लोक में एक बहु प्रचलित कथा है छेदीलाल की। छेदीलाल कोई विशिष्ट व्यक्ति नहीं, बल्कि एक सामान्य मनुष्य रहा। जब पैदा हुआ, सब ठीकठाक रहा। जब विवाह हुआ तो भी शुरू के दिन ठीक ही रहे। परन्तु जब नई नवेली दुल्हन गाँव की औरतों के बीच गई तो चर्चा में छेदीलाल का नाम आने पर [...]
पहले नौकरशाही की जकड़ से मुक्त करें
ब्रिटिश हुकूमत के दौरान कमजोर कर दी गई पंचायत व्यवस्था के महत्व को आजाद भारत में फिर से स्वीकार किया गया, परन्तु आजादी के चार दशक बाद तक भी इन पर प्रभावशाली वर्गों व जातियों के कब्जे बरकरार रहे। वर्ष 1993 में 73 वें संशोधन के माध्यम से संवैधानिक रूप से महिलाओं व दलित पिछड़े [...]
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