दस रुपये रोज पर आशा वर्कर!
18 जुलाई देहरादून की सड़कों पर मूसलाधार बारिश के बीच हाथों में लाल झण्डे थामे हजारों महिलाओं ने घंटाघर से मुख्यमंत्री कार्यालय तक जलूस निकाला। यह हुजूम आशा कार्यकर्त्रियों का था, जो ऑल इण्डिया सेन्ट्रल काउन्सिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स से सम्बद्ध उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन से जुड़ी हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानों [...]
खत्तेवासियों की भी सुनो
उत्तराखंड के तराई-भाबर के वनग्रामों तथा खत्तों में रहने वाले वन गूजरों और पर्वतीय मूल के लोगों को देश की आजादी के 65 वर्ष बाद भी बुनियादी नागरिक अधिकार तक हासिल नहीं हैं। पंचायतीराज व्यवस्था इनके लिये दूर की कौड़ी है और मनरेगा जैसी योजनायें भी लगता है कि इनके लिये नहीं बनी है। वनाधिकार [...]
आरक्षण से वंचित अनुसूचित जातियों/जनजातियों के लोग
समाज के सबसे वंचित हिस्से, यानी दलितों को ठगने का खेल उत्तराखण्ड में धड़ल्ले से जारी है। आमतौर पर सवर्ण लोग अनुसूचित जातियों को मिलने वाले आरक्षण से ईर्ष्या करते हैं और इस व्यवस्था को देश की सभी समस्याओं का मूल मानते हैं। परंतु इस संवैधानिक व्यवस्था से वास्तविक हकदारों को कैसे वंचित किया जाता [...]
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