असफल योजना है मनरेगा
कांग्रेस सरकार की मनरेगा जैसी ड्रीम योजना उत्तराखण्ड के गाँवों में फेल होती दिख रही है। 15 दिन के अन्दर काम और 7 दिन में भुगतान का सपने दिखाने वाला विज्ञापन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब मुँह ही चिढ़ा रहा है। जिले में कई गाँवों में लोगों को 90 दिन तो दूर एक दिन [...]
तीन मुख्यमंत्रियों वाले जनपद जिला अस्पताल के बुरे हाल
हाल में हुए स्थानान्तरणों से 18 डाक्टरों वाले जिला अस्पताल पौड़ी के बेहाल हो गये हैं। भाजपा सरकार के समय यहाँ पर 8 चिकित्सक थे, किन्तु अब चार ही रह गये हैं। इनमें से यदि दो दूसरे स्थानान्तरित चिकित्सक भी रिलीव हो जाते तो यहाँ पर यह संख्या दो ही रह गई होती। जाने वाले [...]
इस तरह खाली हो रहे हैं गाँव
एक समय कलजीखाल विकास खण्ड का चैन्डली गाँव आबाद था। यहाँ कृषि होती थी। पशुपालन होता था और गाँव में कुल पन्द्रह परिवार मजे से अपनी जिन्दगी गुजारते थे। किन्तु धीरे-धीरे परिस्थितियाँ विकट होती चली गईं। मूलभूत सुविधाओं की तो पहले से ही कमी थी। जंगली जानवरों द्वारा फसलें उजाड़ने से लोगों ने पहले खेती [...]
पशुबलि रुकी तो सही
पौड़ी जिले के कल्जीखाल ब्लॉक के अंतर्गत खैरलिंग महादेव मुंडेश्वर मेला प्रसिद्ध है। इसी ब्लाक के मनियारस्यूँ पश्चिमी का बड़कोट भी छोटा खैरलिंग के नाम से प्रसिद्ध है। इन दोनों मेलों में नर भैंसों की बलि दी जाती है। इस वर्ष पहली बार दोनों मेलों में पशुबलि नहीं दी गई। प्रशासन ने बलपूर्वक बलि पर [...]
बस सेवा न होने से जीपों की चाँदी
गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्र में मुख्य रूप से ‘गढ़वाल मंडल बहुद्देशीय सहकारी समिति’ एवं जी.एम.ओ.यू. की बसें चलती हैं। मगर मई-जून में इन्हें चार धाम यात्रा पर लगा दिया जाता है। इन दो महीनों में पहाड़वासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। देश-परदेश से प्रवासी इन्हीं दिनों अपने पैतृक गाँव आते हैं। वे रोजगार कहीं [...]
डांगी गाँव के बेटे भी अपने न हुए
स्वर्ण कारीगरी के लिए विख्यात, जिला मुख्यालय पौड़ी से 27 किमी. दूर काँसखेत-घंडियाल-सतपुली मोटर मार्ग पर घंडियाल से पैदल चार किमी. स्थित डाँगी गाँव लंगूर-बंदर, घुरड़-काँकड़ आदि जंगली जानवरों का बसेरा बन गया है। पिछले पाँच सालों से डाँगी गाँव के काश्तकारों ने खेती करना भी छोड़ दिया है। गाँव में चारों ओर घास-फूस, गाजर [...]
ग्राम प्रहरियों का सरकारी शोषण
पौड़ी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात ग्राम पहरियों की सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। वे मात्र दो सौ रुपये मासिक वेतन पर जान जोखिम में डालकर अपना कार्य कर रहे हैं। इनकी नियुक्ति 2003-04 में जिलाधिकारी द्वारा की गई थी और तब से उनके वेतन में कोई वृद्धि नहीं की गयी। इनके [...]
सुअर के मांस से तबाही
एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में पौड़ी जिले के पाबौ विकास खंड के सिंवाल व पिनानी ग्रामसभा में जंगली सुअर का माँस खाने से 13 लोगों की मृत्यु हो गई। 85 व्यक्ति गम्भीर हालत में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किये गये। इस घटना से गाँवों में मातम छा गया। स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की किरकिरी हुई। [...]
पशुओं की मंडी जैसा हो गया पौड़ी
स्थानीय नगर पालिका के लचर रवैये के कारण पौड़ी इन दिनों आवारा पशुओं की समस्या से जूझ रहा है। पर्यटक विहीन फिर भी पर्यटन नगरी कहे जाने वाले इस नगर में जिधर भी चले जायें वहाँ इन आवारा गोवंशीय पशुओं का बोलबाला दिखता है। कन्डोलिया, सर्किट हाउस, लक्ष्मीनारायण मन्दिर मार्ग हो या नगर का अपर [...]
भाजपा क्यों परेशान है आन्दोलन से ?
चिनवाड़ी-डांडा-गड़कोट पम्पिंग योजना तथा अन्य माँगों को लेकर पौड़ी गढ़वाल के पूर्वी व पश्चिमी मनियारस्यूँ के तहत आने वाली 32 पंचायतों के 231 प्रतिनिधियों के द्वारा अपने इस्तीफे डी.एम. को सौंप दिये गये हैं। त्यागपत्र देने वाले जनप्रतिनिधियों में से 2 जिला पंचायत सदस्य, 1 ज्येष्ठ उपप्रमुख, 26 ग्राम प्रधान, 31 उप प्रधान, 7 क्षेत्र [...]
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