जमीन की समस्या को और अधिक न उलझायें
कालिका प्रसाद काला ‘मानस’ उत्तराखंड में कृषि भूमि को मोटे तौर पर दो श्रेणियों में बाँटा जा सकता है। पहली, नाप भूमि या ‘जैड. ए. खतौनी लैण्ड’ और दूसरी बेनाप। नाप भूमि या ‘मेजर्ड लैण्ड’ पर कृषकों को भूमिधरी अधिकार दिए गये हैं। पहले नाप भूमि से सम्बन्धित कानून अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग थे, किन्तु [...]
कटुता नहीं रहती राजीनामा से मुकदमा निपटाने पर
न्यायालयों में मुख्यतः दो प्रकार के मुकदमे होते हैं, आपराधिक और दीवानी। आपराधिक मुकदमों का निस्तारण दण्ड प्रक्रिया संहिता में परिभाषित मजिस्ट्रेट या सेशंस न्यायालय करते हैं। कभी कुछ विशेष अधिनियमों के अधीन कुछ विशेष प्रकार के अपराधों, जैसे आतंकवाद के लिए टाडा कोर्ट आदि की सुनवाई के लिए विशिष्ट न्यायालयों का भी गठन होता [...]
देहरादून का कलिंगा स्मारक
के. पी. काला ’मानस’ एवं पुष्पा मानस आपने देहरादून की सहस्त्रधारा रोड पर स्थित कलिंगा स्मारक जरूर देखा होगा। ये वो ’कलिंगा’ यानी उड़ीसा नहीं, जिसे सम्राट अशोक ने लगभग 260 या 265 वर्ष ईसा पूर्व जीता था। इस स्मारक का सम्बन्ध गोरखा सेनानायक बलभद्र सिंह खलिंगा थापा से है, जिसने सन् 1802-03 से 1815 [...]
ताकि विवाह सम्बन्ध बना रहे: एक अध्ययन भाग – 2
पिछ्ले अंक में पति-पत्नी के विवादों के बारे में बताया गया था। आगे पढ़ें कि क्या कारण हैं दाम्पत्य कलह के………… (ख): वादकारियों द्वारा अपने वाद पत्रों/प्रतिवाद पत्रों में दिये गये तथ्यों का विश्लेषण: लिटिगेंट्स प्रोफाइल हमारे द्वारा तीन वर्षों के ‘तलाक’ के मामलों का सर्वेक्षण कर प्राप्त निष्कर्ष इसप्रकार रहे:- (1). ज्यादातर तलाक के [...]
ताकि विवाह सम्बन्ध बना रहे: एक अध्ययन
परिवार के बगैर मनुष्य जीवन की कल्पना सम्भव नहीं है। वैज्ञानिकों के मतानुसार तो कई प्रजातियों के पशु-पक्षी भी जोड़े बनाकर जीते हैं। किन्तु अब लगता है कि इस प्रवृत्ति को मनुष्य ही समाप्त करने जा रहा है। ‘परिवार’ नाम की संस्था टूटने की कगार पर है। महानगरों में ऊँचे पदों पर कार्यरत, उच्च शिक्षा [...]
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