‘‘तब के आई.सी.एस. साइकिल पर जाते थे या फिर इक्के पर’’
[इस 17 मार्च को बी.डी. पांडे 93 वर्ष पूरे करते। 1917 को उत्तराखण्ड के हल्द्वानी शहर (जनपद नैनीताल) में पैदा हुए भैरब दत्त पाण्डे ने 1931 में राजकीय इण्टरमीडिएट कॉलेज अल्मोड़ा से हाईस्कूल की परीक्षा पास की। 1935 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी. एससी. की डिग्री लेने के बाद वे आगे पढ़ने कैम्ब्रिज यूनीवर्सिटी चले [...]
ए गमे दिल क्या करूँ
स्मृतिशेष ‘‘ए गमे दिल क्या करूँ, वहशते दिल क्या करूँ’’ जो इस गीत को फिल्मी गाने के रूप में जानते हैं उनके लिए देवरानी जी की याद में इन पक्तियों का इस्तेमाल शायद ओछा लगे। पर मज़ाज़ की इन पंक्तियों को जिन्होंने पीताम्बर देवरानी जी के मुँह से सुना होगा, वे शायद जानते होंगे कि [...]
यादगार रहेगी वह केदारनाथ यात्रा
मध्य हिमालय में करीब 12 हजार फुट की ऊँचाई पर स्थित केदारनाथ प्राचीन काल से ही हिंदुओं का प्रमुख तीर्थस्थल रहा है। भरपूर प्राकृतिक सुंदरता के कारण यहाँ देश-विदेश से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पयर्टक आते हैं। केदारनाथ जाने की प्रेरणा मुझे उन मित्रों से मिली, जो बताते थे कि हिमालय का जितना सुंदर विस्मयकारी [...]
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