शिव दत्त पांडे को सब जानते हैं
कुलदीप सिंह नेगी अल्मोड़ा जनपद के दूरस्थ गाँव डिंगरी, पट्टी कोटली, पो. जागेश्वर के प्रौढ़ शिव दत्त पांडे की ‘रोजमेरी’ पौंधे के कारण आयुष बाजार में अलग पहचान बनने लगी है। आठवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त 60 वर्षीय शिव दत्त पांडे के पास पैतृक रूप से 500 नाली भूमि है। उत्तराखण्ड सेवा निधि से प्रकाशित [...]
बिखरी लड़ाइयों को समेटने की जरूरत है
अपने आपको विश्व का सबसे बडा प्रजातंत्र कहने वाले उत्तराखंड की दशा देखिए! 2000 में यह प्रदेश बना तो इसकी विधान सभा के लिए चुनाव नहीं किए गए। उत्तर प्रदेश की विधान सभा और विधान परिषद में इस क्षेत्र के जो सदस्य उस वक्त थे, उन्हीं से इसकी पहली विधान सभा बना ली गई। नित्यानंद [...]
‘ट्रांसफर एक्ट अधूरा है’
उत्तराखण्ड (पर्वतीय) कर्मचारी शिक्षक संगठन द्वारा ‘उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण विधेयक 2011’ (ट्रासफर ऐक्ट) विषय पर एक संगोष्ठी डालमिया धर्मशाला, श्रीनगर (पौड़ी) में 25 मार्च 2012 को सम्पन्न हुई। बतौर मुख्य अतिथि ‘कर्मचारी शिक्षक दर्पण’ के सम्पादक नवेन्दु मठपाल ने कहा कि स्थानान्तरण विधेयक स्वागत योग्य है लेकिन इसे कर्मचारी-शिक्षकों से वार्ता [...]
चिणुक: भ्रष्टाचार: कौन है इसका जिम्मेदार
नानतिन बाड़ी (‘नैनीताल समाचार’ विगत 20 वर्षों से निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों से जुड़ा रहा है। इन वर्षों में हम बच्चों की रचनाधर्मिता के कायल हुए और उसे ‘चिणुक’ के माध्यम से पाठकों के सम्मुख लाने की एक कोशिश शुरू कर रहे हैं। बच्चों यह कॉलम आप ही का है और हमें उम्मीद [...]
चिट्ठी–पत्री : हरीश रावत ऐसा क्या कर देंगे जो वो आज तक नहीं कर सके?
आनन्द उप्रेती का धारावाहिक ‘घामतपवे भाबर से साइबर युग में फटक मारता हल्द्वानी’पढ़ते हुए कुमाऊँ कमिश्नर परसी विंढम के अगस्त सन् 1924 में हल्द्वानी में हुए इस विदाई समारोह का छायाचित्र याद आ गया। एन. एल. साह (नैनीताल) द्वारा खींचे गये इस समूह चित्र में जिन विशिष्ट लोगों को पहचाना जा सका, वे हैं, बायें [...]
मुजफ्फरनगर- बहुत करीब सरक आये हो तुम
मुजफ्फरनगर ! हमारे करीब और बहुत करीब सरक आये हो तुम 2 अक्टूबर 1994 के बाद वैसे तो नहीं रहे कभी भी तुम हमसे दूर पर अब तो तुम्हारा जिक्र भी देता है अपनी ही अंगुलियों के चटखने का अहसास मुजफ्फरनगर ! रौंन में सुलगति हुई लकडि़यों को घेर कर अलाव तापते हम लोगों की [...]
काफल को लेकर प्रयोग
त्रिलोक चन्द्र बौड़ाई पहाड़ में मजबूत अर्थतंत्र देने वाला काफल (माईरिका एस्क्यूलेंटा) का पेड़ अनेक प्राकृतिक गुणों से भरपूर है। दाँतून बनाने से लेकर, अन्य चिकित्सकीय कार्यां में इसकी छाल का उपयोग होता रहा है। इसके अतिरिक्त इसके तेल व चूर्ण को भी अनेक औषधियों के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। आयुर्वेद में [...]
आशल-कुशल : 01 अप्रेल से 14 अप्रेल 2012
कड़ाके की सर्दी खत्म होने ओर होली का त्योहार निपट जाने के बाद पहाड़ों पर मौसम सुहावना हो गया है, मगर उत्तराखंड में राजनीति की गर्मी शुरू हो गई। मार्च का महीना राजनीतिक उथल-पुथल का रहा। चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा और कांग्रेस के अन्दरुनी झगड़े खुल कर सामने आ गए। भाजपा के लिये [...]


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