राहत की चुनौतियाँ
महिला जागृति महासंघ द्वारा पिछले ढाई महिनों से रामगढ़, धारी, ओखलकांडा, बेतालघाट और रामनगर विकासखंडों के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया है और यथासंभव राहत पहुँचाने की कोशिश भी की गई है। अतिवृष्टि से हुई आपदा के बारे में उनका विश्लेषण लगभग पूरे प्रदेश के लिये सटीक है। पिछले दिनों अपने अनुभव के [...]
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनें रज्जू मार्ग
प्रस्तुति : दिनेश पाठक जनपद टिहरी गढ़वाल के विकास खण्ड प्रतापनगर के पास लगभग 4 किमी. दूरी पर माल ढुलान करने वाला रज्जुमार्ग …… ट्राली। मेरी रुचि का विषय! अगस्त 2009 से माल ढुलान के लिये लगभग एक लाख रुपये खर्च में से तीन चौथाई फल-उद्यान विभाग ने अनुदान में दिये। पहिले वर्ष के सूखे [...]
अभी बहुत दूर तक साथ चलेंगे…गिरदा
प्रस्तुति : अतुल शर्मा उत्तराखण्ड में जनकवि गिरदा के साथ अलग-अलग स्थानों पर बिताये कुछ क्षण संस्मरण बन गये। जयहरीखाल में बाबा नागार्जुन के 75वें जन्म दिन पर नागार्जुन के सानिध्य में डॉ. वाचस्पति द्वारा एक गोष्ठी और बाबा के कविता संग्रह ‘ऐसा क्या कह दिया मैने’ का विमोचन सादगी के साथ हुआ। वहाँ पर [...]
सेवा योजन कार्यालय में ठगी
सेवा योजन कार्यालय ने रोजगार के लिये पंजीकरण कराने वाले बेरोजगार युवाओं को पंजीकरण के नाम पर ठगने का नया तरीका ईजाद किया है। कार्यालयों को इंटरनेट सुविधा से जोड़ने के बाद पंजीकरण की प्रक्रिया अब इंटरनेट द्वारा कहीं से भी की जा सकती है और 15 दिन बाद सत्यापित कराने हेतु प्रमाण पत्र आदि [...]
लैंसडाउन पर भू-माफियाओं की नजर
पंकज शर्मा लैंसडाउन किसी परिचय का मोहताज नहीं है। प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण यह नगर आज पर्यटकों की आवाजाही का केन्द्र बनता जा रहा है। उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2003 में इसे पर्यटन सर्किट के तहत विकसित करने की भारी भरकम घोषणा की थी जो अब तक वास्तविक धरातल पर नाममात्र के लिये [...]
ये कैसी राजधानी है ?
ये कैसी राजधानी है ? ये कैसी राजधानी है ? हवा में ज़हर घुलता है, औ’ जहरीला सा पानी है ये कैसी राजधानी है…. शरीफों की कहानी को यहाँ कोई नहीं सुनता यहाँ सब की जुबानों पर दबंगों की कहानी है। ये कैसी राजधानी है…. अगर जीना है तो सुन लो यहाँ झुकना जरूरी है [...]
आपदा प्रभावितों की व्यथा सुन स्तब्ध रह गई मैं !
प्रस्तुति : पुष्पा गैड़ा 17 साल बाद इस बार उत्तराखण्ड में पुनः अतिवृष्टि की आपदा आयी, जिसने ऐसा कहर ढाया कि कई सालों तक उससे उबर पाना मुश्किल है। अतिवृष्टि से सबसे प्रभावित क्षेत्रों में नैनीताल जिले का रामगढ़ ब्लॉक है। यहाँ नथुवाखान क्षेत्र के अन्तर्गत कई ऐसे गाँव हैं, जहाँ अभी तक कोई नेता [...]
सम्पन्न हुए ‘पहाड़’ के रजत जयंती समारोह
प्रस्तुति : कृष्ण जोशी हिमालयी समाज, संस्कृति, इतिहास तथा पर्यावरण सम्बन्धी शोधपूर्ण कार्यों के लिए समर्पित संस्था ‘पहाड़’ द्वारा वर्ष 2008 में अपनी स्थापना के 25 साल पूरे करने के अवसर पर रजत कार्यक्रमों का सिलसिला आरम्भ किया गया था। 5-6 अप्रैल 2008 को देहरादून से प्रारम्भ तथा दिल्ली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चम्पावत, कोटद्वार तथा नागनाथ [...]
चिट्ठी-पत्री : गिर्दा अंक भाव-विभोर कर गया
‘गिर्दा का, गिर्दा के लिये, गिर्दा के बिना’ नैनीताल समाचार मिला। बहुत याद दिला रहा है गिर्दा की। आपने भाव-विभोर कर दिया। डी.एन. भट्ट,धान मिल, बरेली रोड, हल्द्वानी नैनीताल समाचार का गिर्दा अंक मिला। बहुत ही अच्छा निकला है और इस अंक को हम सब संभालकर रखेंगे। नैनीताल समाचार सही मायनों में कुमाऊँ का मुख [...]
एक दूसरे के पूरक थे ‘जागर’ और गिरदा
सतीश जोशी 21 अगस्त की रात सुशीला तिवारी अस्पताल में मैं, हीरा भाभी (गिरदा की पत्नी), राजकुमारी चंद (रज्जोदी), कुणाल (गिरदा का भतीजा) और गिरदा की बहू प्रभा (पिरम की पत्नी) थे। गिरदा आपरेशन के बाद अपनी चेतना में नहीं लौट पाये थे। सुबह पाँच बजे मैंने महिलाओं से सो जाने को कहा और कुणाल [...]
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