बगरो बसंत है
(बगरो बसन्त है में इस बार हम कथा सम्राट प्रेमचन्द की एक अल्पज्ञात कहानी ‘कमला के नाम विरजन के पत्र’ का एक अंश दे रहे हैं। पत्र शैली में लिखी इस कहानी में पूर्वी उत्तर प्रदेश की होली का जीवन्त चित्रण है तो विभिन्न सामाजिक स्तरों का विभेद भी। -सम्पादक) मझगाँव प्यारे, ऐसा क्रोध आ [...]
…. उड़त गुलाल लाल भये बादल…….
मोसे चरखा मगा दे मानो सैया हमार मोसे चरखा मगा दे।। आफी कातूँलो आफी बणूलो यही चलौलो व्यौहार।। मोसे चरखा मगा दे।। घागरो स्वदेशी आङड़ो स्वदेशी। पिछोड़ो स्वदेशी हमार।। मोसे चरखा मगा दे।। ओढ़नो स्वदेशी बिछोंड़ो स्वदेशी। स्वदेशी पलङा निवार।। मोसे चरखा मगा दे। विदेशी माल को नाम ना लियो है। स्वदेशी माल को करियो [...]
पद संचालन की दृष्टि से खास है काली कुमाऊँ की होली
जगदीश महर गायन और पद संचालन की दृष्टि से काली कुमाऊँ की होली का अन्दाज अलग हो जाता है। इस इलाके में होली का मतलब है-मौजा ही मौजा। क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग, क्या महिलायें….. सब होली के खुमार में रहते हैं। चम्पावत जिले के अपने छोटे से गाँव डुँगरी, पट्टी खिलबिती की होली की ढेर [...]
चिणुक : परोपकार : एक कविता
(‘नैनीताल समाचार’ विगत 20 वर्षों से निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों से जुड़ा रहा है। इन वर्षों में हम बच्चों की रचनाधर्मिता के कायल हुए और उसे ‘चिणुक’ के माध्यम से पाठकों के सम्मुख लाने की एक कोशिश शुरू कर रहे हैं। बच्चों यह कॉलम आप ही का है और हमें उम्मीद हैं कि [...]
कंकरीट जंगल बना पिथौरागढ़
सुशील खत्री पिथौरागढ़ नगर कंक्रीट के जंगल में तब्दील होता जा रहा है। जिला निर्माण विभाग के आंकड़ों के अनुसार मात्र नगरपालिका क्षेत्र के भीतर ही प्रतिदिन एक भवन का निर्माण हो रहा है। पालिका क्षेत्र के भीतर वर्ष 2008-09 में 254 लोगों ने भवन निर्माण की स्वीकृति ली। 2009-10 में जनवरी माह में यह [...]
या ब्रज देश निगोड़ा
विवेक डसीला उत्तराखंड में अब कुछ जिलों का प्रशासन भी बिकने के लिए तैयार है। बस आपकी गाँठ में रोकड़ा होना चाहिए।मंत्री-नेता की सिफारिश से रियायत की कोई गारंटी नही। दरअसल इस छोटे से राज्य को अब तक के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और नेताओं से प्रेरणा लेकर ही तो प्रशासन ने यह रास्ता अख्तियार किया है। [...]
घामतपवे भाबर से साइबर युग में फटक मारता हल्द्वानी . 7
इतिहासकारों के अनुसार बादशाह अकबर ने राजा रुद्रचन्द की बहादुरी को देखते हुए तराई-भाबर के चौरासी कोस का भाग राजा रुद्रचन्द को व्यवस्था के लिए दे दिया। इसे चौरासी माल के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि हुसैन खाँ टुकुडि़या ने यहाँ कब्जा जमा रखा था। उसे खदेड़ने में राजा रुद्रचन्द्र [...]
फौज से नई तकनीक लाते हैं तिरुवा
घनश्याम जोशी पहाड़ में जितनी भी खेती बची है, उसका श्रेय फौजियों को जाता है। देश की सीमाओं की रखवाली में उम्र गुजार देने के बाद एक फौजी घर आता है तो खेती-बाड़ी में जुट जाता है। तकनीकी विभागों में तैनात कुछ फौजी अपनी छुट्टियों का उपयोग भी खेती के लिए करते आए हैं। कपकोट [...]
आशल-कुशल
राज्य के ऊँचे इलाकों में बर्फ गिरने से अनेक स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और यातायात बाधित हुआ। स्कूल-कालेजों के खुलना शुरू हो जाने के बावजूद अभी भी मौसम ठंडा बना हुआ है। हालाँकि वर्षा-बर्फबारी का प्रकोप मुख्यतः राज्य के उत्तर पश्चिमी हिस्से में ही अधिक है। उत्तराखंड विधान सभा के चुनावों के लिए 30 [...]
पेड़ काटो, जुर्माना दो, मकान बनाओ
कमल जगाती पेड़ काटो चालान कराओ और घर बनाओ ! यही हो रहा है नैनीताल में। वन विभाग के द्वारा लगभग साठ मामलों में अवैध निर्माण की सूचना प्राधिकरण को दी गई थी। कई मामलों में लोगों ने अपने प्लाट में से पेड़ ही गायब कर दिए। पकडे़ गये लोगों के चालान हुए, जिसे भुगत [...]
आपकी टिप्पणीयाँ