तुम नज़रें उठाने लगती हो तो…..
तुम नज़रें उठाने लगती हो तो धड़कने लगता है इस दुनिया का रुपहला दिल, हे भारतमाता ! नारंगी खुशबू उड़ती है और मैं बंद कर देता हूँ अमरकोश तुम्हारा अर्थ करने का व्यर्थ प्रयास आसपास रूपहला दिल यहाँ आसपास नारंगी खुशबू यहाँ और जिसे ग़रीबी की नहीं कोई पहचान वह दस गुना अमीरी भी यहाँ [...]
चारा उत्पादन के लिये जमीनी सच्चाइयों का ख्याल रखें
प्रस्तुति : माधवानन्द मैनाली पर्वतीय जनपदों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में की जाने वाली खेती के लिये एक परिवार के पास दो बैल, एक भैंस और एक गाय पालना निहायत जरूरी है। खेत को खाद, बच्चों के लिये दूध और खेती कार्य हेतु बैल चाहिये। जंगलों के विनाश ने चारे की समस्या विकट कर दी [...]
उत्तराखंड को संजीवनी राज्य बनायें
प्रस्तुति : कुलदीप सिंह नेगी नैनीताल जनपद के विकासखंड भीमताल में स्थित ग्राम सभा चोपड़ा (कभी-कभार रोवड़ा या रोपड़ा के नाम से भी जाना जाता है), ज्योलीकोट के समीप स्थित ‘गिरिजा हर्बल फार्म’ एक महत्वपूर्ण गतिविधि में संलग्न है। गर्म व तर जलवायु में स्थित इस फार्म में पूरन चन्द्र चंदोला ‘आओ हम सब मिलकर [...]
नदियों पर संकट है सारे गाँव इकट्ठा हों
नदियों पर संकट है सारे गाँव इकट्ठा हों नदियों पर संकट है,सारे गाँव इकट्ठा हों, अब सदियों पर संकट है,सारे गाँव इकट्ठा हों। पानी डूबा फाइल में, गाड़ी में मोबाइल में, सारे वादे डूब गये, खून सने मिसाइल में। एक गाँव पर संकट है, सारे गाँव इकट्ठा हों। एक गाँव पर संकट है, सारे गाँव [...]
मरोज त्यौहार: यहाँ माघ में भी मांस खाया जाता है
प्रस्तुति : कमलेश ‘कुँवर’ यमुना घाटी के जौनसार भाबर, जौनपुर व रवाँई क्षेत्र में मनाये जाने वाला मरोज या आघ त्यौहार मकर संक्रान्ति से प्रारम्भ होकर पूरे माघ महीने तक चलता है। यहाँ मकर संक्रांति के अगले दिन क्षेत्र के प्रत्येक घर में बकरा काटा जाता है तथा उसके माँस को विभिन्न टुकड़ों में काटकर [...]
एक पदयात्री के नोट्स : नौजवान गायब है
एक पदयात्री के नोट्स यातायात के उत्तरोत्तर तीव्र हो रहे माध्यमों के कारण विविध जनों/ समुदायों के बीच निकट और गहन सम्पर्क और तदनुसार एक दूसरे की बेहतर समझ के मार्ग में बाधा आती है। लोगों के बीच से चुना गया विधायक, सांसद और सर्वोपरि मंत्री सायरन बजाती गाड़ियों के काफिले में तेजी से निकल [...]
कस ज होलो ठार्यो समधी ! कस ज भ्यो
प्रस्तुति : गोविन्द कफलिया नव वर्ष के आगमन के साथ ही बहुप्रतीक्षित लालबत्ती बँटवारे की रस्म भी पूरी हो गयी। सात महीनों से उक्रांद के शीर्ष नेताओं ने खंडूरी सरकार के तारीफ में जिस तरह कसीदे पढ़े, उससे स्पष्ट था कि लालबत्तियों के बँटवारे में उनका हिस्सा तय है। उक्रांद खेमे में तो यह चर्चा [...]
जीव जगत से बच्चों का अपनापा जोड़ने का पर्व है घुघुतिया
प्रस्तुति : मोहित सनवाल सांस्कृतिक रूप से बेहद समृद्ध उत्तराखंड के कुमाऊँ अंचल में संक्रान्तियों का विशेष महत्व है। यहाँ गते के अनुसार हर माह के प्रारम्भ को संक्रांत कहा जाता है। लगभग हर संक्रांत को कोई न कोई त्यौहार मनाया जाता है, जैसे चैत संक्रांत में फुलदेई, वैशाख में बिखौती संक्रांत, श्रावण में हरेला, [...]
चिट्ठी पत्री: जोर जबर्दस्ती से क्या सच्चाइयाँ छुपाई जा सकेंगी ?
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के एस.एस. जीना परिसर अल्मोड़ा में ‘दखल’ द्वारा आयोजित पुस्तक मेले में पुस्तकों को पैरों से कुचलने का मामला स्तब्ध करने वाला है। उत्तराखंड देश में साक्षरता प्रतिशत के आँकड़ों में श्रेष्ठ है और यह राज्य के निवासियों के लिये गर्व का विषय है। परन्तु इसी राज्य में पुस्तकों को कुचलने की कार्यवाही [...]
अब व्यापारी समझे मॉल की हकीकत
प्रस्तुति : रुपेश कुमार सिंह 1991-92 में जब भारत को विश्व व्यापार संगठन के दायरे में लाया जा रहा था, और जानकार लोग इसके दुष्परिणामों के बारे में चेता रहे थे, तब व्यापारी वैश्वीकरण में अपना फायदा देख रहे थे। एन.डी.ए. सरकार द्वारा आयात पर से मात्रात्मक प्रतिबंध समाप्त किये जाने पर व्यापारियों ने विरोध [...]
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