माटी सं मंच तक: लोक संस्कृति के संरक्षण की सार्थक पहल
विलुप्त होती लोकसंस्कृति व लोकगीतों के संरक्षण-संवर्धन के साथ ही लोक कलाकारों को चिन्हित कर उन्हें मंच प्रदान करने तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से रूबरू कराने के उद्देश्य से महिला समाख्या, नैनीताल द्वारा पिछले तीन वर्षों से एक सफल आयोजन किया जा रहा है-‘माटी से मंच तक’। इस बार यह आयोजन 29-30 मार्च [...]
नगर पंचायत नहीं चाहते पोखरी के लोग
पोखरी को नगर पंचायत बनाए जाने का वहाँ के बाशिन्दों ने विरोध किया है। प्रस्तावित नगर पंचायत में आने वाली 6 ग्राम पंचायतों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पोखरी, वल्ली, गुनियाला, विशाल, देवर वल्ला, देवस्थान नामक इन गाँवों की कुल जनसंख्या 4,037 है। इन गाँवों में 459 परिवार गरीबी रेखा के नीचे [...]
रहस्यमय है पवन की मौत
क्या बाघ मानव का शिकार करने से पूर्व उसके कपड़े उतार लेता है ? उसके गुप्तांग काट डालता है? पिथौरागढ़ पुलिस की मानें तो यह सम्भव है। बैंगलुरु में साफ्टवेयर इंजीनियर, मूलतः सुनारगाँव (कांडा) निवासी 30 वर्षीय पवन वर्मा 19 मई 2012 को अपने दो साथियों के साथ कांडा से थल को निकले। अगले दिन [...]
औपचारिकता भर नहीं था शीतलाखेत का पर्यावरण दिवस
5 जून 2012। विश्व पर्यावरण दिवस। कोसी से शीतलाखेत को चला तो खूँट-धामस से आगे गाड़ी में सवार हुईं दो-तीन महिलाएँ आपसी बातचीत में इस बात से चिन्तित लगीं उनके जंगल में किसी ने आग लगा दी। वे कई दिनों से आग बुझा रही हैं, पर आग एक तरफ बुझती है तो दूसरी तरफ से [...]
वे भुला दिये गये हैं
बरसात सिर पर है, लेकिन अभी सितम्बर 2010 की अतिवृष्टि में बर्बाद हुए लोग ही अपने पाँवों पर खड़े नहीं हो पाये हैं। सरकार उन्हें कोरे आश्वासन देकर टरका रही है। कुछ लोग तो भुखमरी की कगार पर हैं। अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक के सल्ला गाँव निवासी नन्दन सिंह ठठोला व ताकुला ब्लॉक के [...]
जमीन वापस लेने की जद्दोजहद
भारत विभाजन के बाद पूर्वी पाकिस्तान (बांग्ला देश) से आये शरणार्थियों के पुनर्वास का मामला न सुलझने से कई परिवार सूदखोर महाजनों की लूट के शिकार हुए हैं। तब ऐसे शरणार्थियों को भारत सरकार द्वारा ‘गवर्नमेंट ग्रांट्स एक्ट 1895’ के अन्तर्गत विभिन्न प्रदेशों की भाँति उत्तराखड की तराई (उधमसिंह नगर) में भूमि के पट्टे देकर [...]
कैसा विकास चाहते हो उत्तराखण्ड ?
हाल के वर्षों में औद्योगीकरण, शहरीकरण व ऊर्जा प्रदेश बनाने की जिद ने उत्तराखंड के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। यहाँ जल, जंगल व जमीन की वास्तविक स्थिति का आंकलन किये बगैर किसी भी बड़ी विकास योजना को शुरू करना कतई उचित नहीं है। भविष्य में उसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। इसी [...]
चुपचाप कहाँ खो गया डीना अस्पताल ?
अल्मोड़ा के निकट ‘डीना अस्पताल’ में ताला लटकने के बाद किसी प्रकार की राजनीतिक-सामाजिक संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया का न होना चिन्ताजनक है। चिकित्सा केन्द्र जैसे एक सार्वजनिक संस्थान को इस तरह से एकाएक बन्द कर देना अस्पताल की संचालक ‘जन जागरण समिति’ की कार्यप्रणाली पर भी संदेह पैदा करता है। डीना अस्पताल अल्मोड़ा [...]
जल विद्युत परियोजनाओं का दंश झेल रही है मंदाकिनी घाटी
उत्तराखंड में बन रही जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण पर रोक लगा इनकी पुनर्समीक्षा नहीं की गई तो पहाड़ वीरान हो जायेंगे और एक बड़ी आबादी को विस्थापित होना पड़ेगा। बाँध कम्पनियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जिस तरह भारत सरकार से स्वीकृति लेकर जोर जबर्दस्ती इनका निर्माण किया जा रहा है, वह खतरनाक [...]
समस्याओं से घिरा इण्टर कॉलेज दौलाघट
अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से 23-30 किलोमीटर दूर कोसी-गिरेछीना मार्ग के बीच पड़ने वाले इलाके की एकमात्र प्रमुख शिक्षा संस्था, इन्टर कॉलेज दौलाघट में अध्यापकों की कमी के कारण पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। हालाँकि उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा की बोर्ड परीक्षाओं का यह कॉलेज केन्द्र है। तीन दर्जन से अधिक गाँवों के बच्चे इस कॉलेज पर [...]
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