थरूवाटी होली
लाभरिया (शरीर) मेरो भीगे रे साँवरिया मेरो भीगे रे वो छोड़ो आवे मेघ या बाढ़ के आवे मेघ ऐसे किते बदलिया उमड़ी रे राजस्थान से आये महाराणा प्रताप के वशंज कहलाने, वाला, थारू समुदाय में होली पर्व का विशिष्ट स्थान है। उत्तराखंड के भाबर और तराई में बसे इस समुदाय में होली लगभग एक महीना [...]
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