एक शिक्षक की डायरी
26/11/2005 राजकीय हाई स्कूल में आज मेरा पहला दिन था। पहाड़ के स्कूल बहुत दूर-दूर हैं। यह स्कूल दुर्गम है। बच्चे उचक-उचक कर देख रहे थे। प्रिंसिपल मुझे कक्षाओं में ले गये। उन्होंने बच्चों को बताया कि अब मैं भी उन्हें पढ़ाउँगा। स्कूल ढेर सारे बच्चों का घर है। कई गाँव से आने वाले बच्चे, [...]
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