अरे, ‘देश-सेवा’ के इनके जुनून को थामो !
बहुत समय नहीं हुआ……………कोई सालेक बीता होगा। मैं एक पार्टी में अनायास ही पहुँच गया। पार्टी बड़े लोगों की थी। दो अफसरों को मैं पहचानता था, क्योंकि दोनों अपनी देव-भूमि और निशंक जी के शब्दों को उधार लूँ तो ‘भारत के भाल’ में प्रभावशाली पदों पर हैं। एक साहब फोरेस्ट में डी.एफ.ओ. बताए जा रहे [...]
श्मशानवाणी का यह खड़खड़ी केन्द्र है…….
मामाजी का शव लेकर जब हम हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पहुँचे तो साढ़े नौ बज चुके थे। समूचा हरिद्वार अभी घने कोहरे की ओट में दुबका था। महाकुंभ के इस सीज़न में उस ठंडी सुबह सड़कों पर साधु और पुलिसकर्मी ही ज्यादा नजर आ रहे थे। एक चिता तब तक पूरी जल चुकी थी [...]
क्या महिलाओं को पूर्ण अधिकार दिला पाएगा ‘महिला आरक्षण विल’ ?
बहुत समय नहीं बीता….शायद साल बीतने को ही आया होगा। अमेरिका के व्यस्त शहरों की सड़कों पर कुछ युवतियाँ खास टी-शर्ट पहनकर घूम रही थी। इन टी शर्टों के ठीक सामने खास अंदाज में एक पंक्ति लिखी थी। लिखा था – आई एन्जॉय माई वैजाइना….. यकीनन आपका सिर झन्ना गया होगा। मेरा भी झन्नाया था [...]
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