उन्होंने सीमान्त में शिक्षा की ज्योति जलाई
नारायण स्वामी जी का वास्तविक नाम क्या था, किसी को ज्ञात नहीं। हाँ उनके ड्राइविंग लाइसेंस में दर्ज की गयी जन्मतिथि मार्गशीर्ष पूर्णिमा, 2 दिसम्बर 1914 अंकित की गई है। संभवतः स्वामी जी दक्षिण भारत के किसी कुलीन परिवार के व्यक्ति थे। साधक की साधना उनको गृहस्थ में नहीं अपितु ब्रह्मचर्य में दिखी। आप मात्र [...]
एक बाघ उ.प्र. में !
उत्तर प्रदेश में इन दिनों दो बाघों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। दहशत में आये लोग रतजगा कर रहे हैं, तो तमाशबीनों की भी कमी नहीं। वन्य जीव प्रेमियों के लिये यह रोमांचकारी क्षण है तो अधिकारियों के कड़ाके की ठंड में पसीने छूट रहे हैं। दोनों बाघ हमारे पहाड़ से थोड़ा अलग [...]
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