प्राप्ति स्वीकार :चमकता रहेगा स्वीली घाम
इस संकलन की 13 कहानियों में पर्वतीय अंचल के लोक-विश्वासों, मान्यताओं और उनसे जुड़ी विपत्तियों का स्वाभाविक चित्रण है। ये कहानियाँ एक समूचे लोक का प्रतिनिधित्व करती हैं। अकाल मृत्यु का ग्रास बनकर ‘आछरियों के ताल’ में समा जाने वाली बेटियाँ; ट्रक ड्राइवर द्वारा प्रेमिका को सुकून देने के लिये बजाया जाने वाला लम्बा हॉर्न; [...]
वन कानून का एक और शिकार है कपकोट का महाविद्यालय
राजकीय महाविद्यालय कपकोट के भवन निर्माण संबंधी फाईल केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय में अटक जाने से भवन निर्माण की प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं हो पा रही है। महाविद्यालय इंटर कॉलेज, असौं के भवन में चल रहा है जिससे इंटर कॉलेज के छात्रों की भी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कपकोट में महाविद्यालय खुलने से यहाँ के लोगों [...]
फलेन्डा जल विद्युत परियोजना : उच्च न्यायालय ने अपनाया सख्त रुख
टिहरी गढ़वाल में भिलंगना नदी पर आंध्र प्रदेश की स्वास्ति कंपनी द्वारा बनाई जा रही 22.5 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना को लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चल रहे मामले में न्यायालय ने अब अपना रुख कड़ा कर लिया है। प्रदेश सरकार और केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ना-नुकुर को देखते हुए अब न्यायमूर्ति [...]
अल्मोड़ा: पानी को लेकर भेदभाव
पेयजल संकट से जूझ रहा अल्मोड़ा नगर अक्सर सुर्खियों में रहता है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पेयजल समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकल पाया। क्योंकि नेताओं, अधिकारियों व प्रभावशाली लोगों के दबाव में जल नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं जिसको समझने के लिए एक उदाहरण काफी है। जिलाधिकारी अल्मोड़ा के [...]
युगमंच का ‘कोर्टमार्शल’
35 सालों की रंगयात्रा के बाद उत्तरी भारत में अपना प्रमुख स्थान बनाने वाले ‘युगमंच’ एक लम्बे अन्तराल के बाद पुरानी प्रस्तुतियों के दोहराव से बचते हुए एक नया नाटक सामने लाया, लेकिन 15-16 अप्रेल को सीआरएसटी, नैनीताल के सभागार में प्रस्तुत ‘कोर्टमार्शल’ युगमंच की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं रहा। लगता है कि होली महोत्सव, [...]
मनरेगा और पंचायतों की समस्यायें छायी रही महिला समाख्या में
दिनांक 24 अप्रैल को धर्मशाला तल्लीताल में महिला समाख्या द्वारा जिला संसाधन समूह के साथ विभिन्न मुद्दों को लेकर बैठक आयोजित की गयी। रामनगर से आयी कार्यकर्ताओं ने बताया कि शासन/प्रशासन का रवैया वन ग्राम एवं खत्तों के प्रति असहयोग का ही दिखायी देता है। वर्तमान में वन ग्रामवासियों को वहाँ से हटाने की साजिशें [...]
एक भूले – बिसरे स्वतंत्रता सेनानी की याद
स्वतंत्रता संग्रामी हरस्वरूप पाण्डेय की मूर्ति का अनावरण व स्मारक स्थल का उद्घाटन न होने से पट्टी मल्ला स्यूनरा (अल्मोड़ा) की जनता नाराज है। लोगों ने 26 फरवरी 2011 को भैंसोड़ी स्थित स्मारक स्थल पर धरना-प्रदर्शन कर आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया है। हरस्वरूप पाण्डेय का जन्म 15 अगस्त 1909 को और [...]
कंचन की मानिन्द निखर कर आये प्रकाश पंत
बाईस साल तक अग्निपरीक्षा से गुजरने के बाद अन्ततः अल्मोड़ा के पत्रकार प्रकाश चन्द्र पंत कंचन की मानिन्द निखर कर सामने आये। मई 1988 में उन्होंने अपने समाचार पत्र ‘अल्मोड़ा टाइम्स’ में ‘एक रहस्य जानें सभी’ तथा ‘हे ईश्वर तूने तो देखा होगा’ शीर्षक से दो रपटें प्रकाशित कीं। ये रपटें राजकीय बालिका निकेतन अल्मोड़ा [...]
हिवरे बाजार ने रास्ता दिखा दिया है
सत्तर के दशक तक हिवरे बाजार अपने ‘हिन्द केसरी’ पहलवानों के लिये मशहूर था। लेकिन फिर महाराष्ट्र के अहमदनगर का यह गाँव सूखे की चपेट में आ गया। 400 मिमी. औसत वार्षिक वर्षा वाले इस क्षेत्र में फसलें बर्बाद होने लगीं तो गाँव से पलायन शुरू हो गया। लोग छोटे-मोटे धन्धों के लिये पुणे और [...]
अलविदा एच.सी.एस. रावत
एवरेस्ट विजेता एडमंड हिलेरी के देहान्त के एक पखवाड़े के भीतर ही भारत के एक प्रख्यात पर्वतारोही हरीश चन्द्र सिंह रावत का भी दिल्ली में देहान्त हो गया। प्रख्यात घुमक्कड़ और सर्वेक्षक पं. नैनसिंह रावत के पड़पोते हरीश चन्द्र सिंह रावत ने एवरेस्ट पर सफल आरोहण करने वाले पहले भारतीय दल के सदस्य के रूप [...]
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