जयदीप लघु उद्योग
उत्तराखण्ड की महिलायें अदम्य साहस, वीरता, शौर्य एवं श्रम की प्रतीक हैं। पहाड़ की पहाड़ सी जिन्दगी को अपने हाथों से सँवारने की उनमें क्षमता है। उत्तराखण्ड की संस्कृति ही नहीं, आर्थिकी भी उन्हीं के बलबूते पर टिकी है। पहाड़ सी समस्याओं का समाधान खोजना आसान नहीं, फिर भी कुछ सूक्ष्म प्रयास उनकी जिन्दगी को [...]
बस दुर्घटना ने खोली आपदा प्रबंधन की कलई
गोपेश्वर से कर्णप्रयाग जा रही खचाखच भरी बस यूए 11-0654 9 जुलाई को सुबह 10 बजे चमोली से पाँच किलोमीटर आगे कुहेड़ गाँव के समीप अनियंत्रित होकर अलकनंदा में जा गिरी, जिसमें 5 महिलाओं तथा 4 पुरुषों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। घायल तीन बच्चों में से एक की अस्पताल लाते समय तथा [...]
शासनादेश की अनदेखी कर तस्करों के हवाले कीड़ाजड़ी
बुग्यालों में पायी जाने वाली बहुमूल्य ‘यारसा गम्बू’, जिसे कीड़ा जड़ी के नाम से जाना जाता है, की कुछ वर्षों से भारी मात्रा में तस्करी हो रही है। शुरू में तत्कालीन प्रमुख सचिव एवं आयुक्त वन एवं ग्राम्य विकास, डॉ. आर. एस. टोलिया ने अपने पत्रांक सं. 1790/व.ग्रा.वि./2001 में समस्त जिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी तथा वन [...]
विधायक निधि से खरीदे गये भांडे बर्तन
जनपद चमोली के नंद्रप्रयाग विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक तथा वर्तमान समय में उत्तराखण्ड सरकार के खेल, कारागार, एवं पंचायत राज मंत्री राजेन्द्र सिंह भण्डारी द्वारा विधायक निधि के दुरुपयोग का एक मामला प्रकाश में आया है। उन पर आरोप है कि इन्होंने नियम कानूनों का खुला उल्लंघन कर ग्राम सभाओं को धन आबंटन किया। [...]
अब मिल पायेगा पीने के लिये पानी
जनपद चमोली के जिला मुख्यालय में पेयजल संकट दूर करने के लिये गोपेश्वर पेयजल पुनर्गठन योजना हेतु शासन तीन करोड़ रुपये अवमुक्त करने पर सहमत हो गया है। 46 साल पुरानी पेयजल योजना का पुनर्गठन न होने के कारण विगत कई वर्षों से मुख्यालय में पानी का हाहाकर मचा हुआ है। बीते चार-पाँच वर्षों से [...]
पुरातत्व विभाग की लापरवाही से नष्ट हो रहा है शिव का त्रिशूल
पंच केदारों में से चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के शीतकालीन निवास गोपीनाथ स्थित शिव का अष्ट धातु का त्रिशूल पुरातत्व विभाग की लापरवाही के कारण जंग खाकर नष्ट होने के कगार पर है। वर्ष 2007-08 में पुरातत्व विभाग द्वारा जीर्ण-क्षीर्ण हालत में पहुँच चुके गोपीनाथ मन्दिर की मरम्मत तथा आसपास स्थित मन्दिर व मन्दिर के भण्डारण [...]
एक और आत्महत्या….
‘‘माँ अब भौत ह्नेगि…..अब नि सयेंदु…….मि जाणु छौं……।’’ चमोली पुल से आत्महत्या करने वाली सुमन भट्ट के मोबाइल द्वारा अपनी माँ श्रीमती विश्वेश्वरी देवी को कहे ये अन्तिम शब्द थे। 16 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन पूरा शहर भाई-बहिन के इस पवित्र त्यौहार को मना रहा था, लेकिन तभी चमोली थाने में सूचना पहुँची कि [...]
लोकवाद्यों के संरक्षण का प्रयास
उत्तराखण्ड के परम्परागत लोक वाद्य और इनके बजगीर तेजी से काल के गाल में समा रहे हैं। प्रत्येक शुभ अवसर पर बजने वाला दुनिया का सबसे समृद्ध वाद्य ढोल दमाऊँ और इसके बजाने वाले औजियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। आज संगीत सुनने की नहीं, देखने की चीज बनता जा रहा है। पहाड़ों [...]
मक्कू मठ: इतिहास से विकास तक का सफर
घने देवदार, बाँज, बुरांश, थुनेर के वृक्षों के बीच अत्यंत शोभनीय मक्कू मठ का इतिहास प्रथम शताब्दी पूर्व माना जाता है। मार्कण्डेय ऋषि की तपस्थली कहा जाने वाला यह क्षेत्र देवासुर संग्राम और आर्य व अनार्य जातियों की संघर्ष गाथायें अपने में समेटे हुए है। प्राचीन आदिवासी मौर जातियाँ ग्रीष्म काल में अपने पशुओं के [...]
बुलन्द हो रहे हैं चोरों के हौसले
चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में चोरों के हौंसले बुलंद हो चुके हैं। इस बात का पता 10 तारीख की रात को पुलिस थाने से मात्र सौ मीटर की दूरी पर स्थित ऋषि पुस्तक केन्द्र में शटर तोड़कर की गई चोरी से चलता है। रात लगभग 12 बजे से बारिश में तेजी आने से गश्त के [...]
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