रंवाई पर शोध-दस्तावेज का विमोचन
सामाजिक एवं पर्यावरण कल्याण समिति द्वारा प्रकाशित ‘रंवाई कल, आज और कल’ का विमोचन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने देहरादून में किया तो दूसरे दिन रंवाई घाटी की हृदय स्थली नौगाँव में पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा ने इस दस्तावेज का विमोचन एक विचार गोष्ठी के बीच किया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि श्री राणा ने [...]
कहाँ गये उत्तराखण्ड के बुनियादी मुद्दे ?
उत्तराखंड की तीसरी विधान सभा के चुनाव सम्पन्न हो गये हैं और एक और सरकार अस्तित्व में आ गई है। सवाल है कि क्या अब भी यहाँ की मूलभूत समस्याओं के समाधान और समग्र विकास के लिये कोई ठोस काम हो पायेगा अथवा नहीं। उत्तराखण्ड में रोजगार और राजस्व बढ़ाने के लिए पर्यटन को एक [...]
खतरे में है ढोल वादन की परम्परा
‘18 ताली नौबत’ के आखिरी ढोलवादक मोलूदास के श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती होने के बाद एक बार नये सिरे से ढोलवादन की होती विधा को लेकर चिन्ता पैदा हुई है। दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ में यह समाचार प्रमुखता से छपने के बाद कि मोलूदास का स्वास्थ्य चिन्ताजनक है और उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है, [...]
आपदा का शो पीस बन गया है यमुना घाटी का कफनौल गाँव
यमुनोत्री से लेकर जमुना पुल तक लगभग 90 किमी. और गंगोत्री से लेकर धरासू तक लगभग 120 किमी. का रास्ता इन दिनों अत्यन्त संवेदनशील है। अब तक दोनों तीर्थो के मार्ग नहीं खुल पाये हैं। बाहर से आये तीर्थ यात्री तो परेशान हैं ही, स्थानीय लोगों की भी मुसीबतें कम नहीं है। उत्तरकाशी जनपद के [...]
बाँध के लिये वन कानून आड़े़ नहीं आते
कुछ वर्ष पहले राहुल गांधी जब सीमान्त जनपद उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में आये थे तो पंचगाईं पट्टी के फिताड़ी निवासी जयमोहन राणा ने उन्हें बताया था कि वे एक ऐसे गाँव में रहते हैं, जहाँ आज भी मोटर मार्ग से आठ किमी पैदल की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। इस बात को सुन कर राहुल [...]
तिलाड़ी कांड आज भी यमुना घाटी को प्रेरणा देता है
तिलाड़ी का गोली काण्ड आज भी यमुना घाटी के लोगों में सिहरन भर देता है। 1930 में 30 मई को इस जगह तत्कालीन टिहरी नरेश ने दर्जनों लोगों को गोली से इसलिये भून डाला था कि वे अपने हक-हकूको की बहाली के लिए लामबंद थे और बिना राजाज्ञा के तिलाड़ी में एक महापंचायत कर रहे [...]
गोविन्द वन्य जीव विहार तस्करों के निशाने पर
सीमान्त जनपद उत्तरकाशी के अन्तर्गत हिमांचल प्रदेश की सीमा से लगा हुआ गोविन्द वन्य जीव पशु विहार में कथियान के जंगल एवं जाख बीठ में जंगली पशुओं की तस्करी जारी है। यहाँ अन्तर्राष्ट्रीय वन्य जीव तस्करों का गिरोह कई वर्षों से अपनी पैठ बनाये हुए हैं। विभागीय अधिकारी खानापूर्ति के लिए गिरफ्तारी भी करते ही [...]
वर्ष दस, सवाल हजार, निराकरण कुछ भी नहीं
1994 के राज्य आन्दोलन के दौरान न कोई दलित था और न सवर्ण था, सिर्फ उत्तराखण्डी थे जिन्हें एक शुद्ध पहाड़ी राज्य की चाहत थी। तब कौन सोचता था कि दस साल के भीतर ही लोग जाति और भेद में बँट जायेंगे और सामाजिक विषमता की खाई गहराने लगेगी। दलित हितों के लिये समर्पित ‘समता [...]
जमींदोज हो सकता है कफनौल
पिछले दिनो हुई भयंकर बरसात से विकासनगर से लेकर यमनोत्री तक लोग जगह-जगह रास्तो में फँसे रहे। कई गाँवों में तो अब तक देश दुनिया से कटे हुए हैं। यमुना घाटी के अति दुर्गम गाँव कफनौल में हुए भूस्खलन ने दो दर्जन से भी अधिक परिवारों के आशियाने लील लिए हैं। फिलहाल ये परिवार खुले [...]
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