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लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2011:: वर्ष :: 35 :September 19, 2011 पर प्रकाशित
पुरुषोत्तम शर्मा उत्तराखण्ड आपदा एवं पुनर्वास नीति 2011’ एकदम निराशाजनक है। इसमें भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए आधुनिक सूचना तकनीकी का अधिकतम इस्तेमाल और आपदा पीडि़तों के स्थायी पुनर्वास के साथ उनके पुश्तैनी रोजगार की सुरक्षा के मुद्दे अहम होने थे। अखिल भारतीय किसान महासभा [...]
Posted in आपदा, जनमवार अंक, विविध, विशेषांक | Tagged displacement, hydro power, hydro power projects, natural disaster, policy, rain, rain disaster |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 19 || 15 मई से 31 मई 2011:: वर्ष :: 34 :June 2, 2011 पर प्रकाशित
12 मार्च को सदन में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पेश वर्ष 2011-12 के बजट में कुल अनुमानित वार्षिक बजट 19366.91 करोड़ रुपये में से योजनागत मद में मात्र 6564.29 करोड़ ही रखे गये हैं। बाकी 12802.62 करोड़ रुपये गैर योजनागत मद में हैं। यानी बजट का लगभग दो तिहाई खर्च इस शासन-प्रशासन को चलाने के [...]
Posted in विविध | Tagged agriculture, budget 2011, budget session, development, jobless growth, nishank, policy, ramesh pokhariyal |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 13 || 15 फरवरी से 28 फरवरी 2011:: वर्ष :: 34 :February 22, 2011 पर प्रकाशित
राज्य का गठन हुए अब दस वर्ष पूरे हो गये हैं। मगर अब पलायन पहले के किसी भी समय से ज्यादा हो रहा है। पहाड़ में घर के घर खाली हो रहे हैं और जमीनें बंजर पड़ रही हैं। कृषि क्षेत्र की घोर उपेक्षा ने यह स्थिति पैदा की है। राज्य की कुल आबादी का [...]
Posted in पर्यावरण, विविध | Tagged development, farming, jobless growth, jobs, land mafia, sidcul, uttarakhand agriculture |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 16 || 01 अप्रेल से 14 अप्रेल 2010:: वर्ष :: 33 :April 11, 2010 पर प्रकाशित
अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) कानून उत्तराखंड में नवम्बर 2008 से लागू किया गया है। मगर इस कानून के दायरे में आने वाले लाभार्थियों के चुनाव ने राज्य सरकार और राज्य की अन्य शासक वर्गीय राजनीतिक पार्टियों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। इन सवालों पर रोशनी [...]
Posted in जंगल, विविध | Tagged forest law, forest rights act, policies, scheduled tribes, tribal laws, uttarakhand forest |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 15 || 15 मार्च से 31 मार्च 2010:: वर्ष :: 33 :March 21, 2010 पर प्रकाशित
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून मनरेगा को इस देश में लागू हुए चार साल हो चुके हैं। केन्द्र की यूपीए सरकार और कांग्रेस पार्टी इसे अपने शासन काल की सबसे बड़ी उपलब्धि पेश कर रही है। वैसे भी हमारे देश में यह पहला ऐसा कार्यक्रम है, जो संसद द्वारा पारित कानून के तहत देश [...]
Posted in विविध | Tagged government policies, narega, nda, upa, villagers right |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 12 || 01 फरवरी से 14 फरवरी 2010:: वर्ष :: 33 :February 7, 2010 पर प्रकाशित
अभी हाल में उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के लिए एक नई कृषि नीति का मसौदा तैयार किया है। इस मसौदे में क्या है यह तो पता नहीं पर इसे तैयार करने का काम जिस तरह किया गया वह पूरी तरह आपत्ति करने लायक है। राज्य के लिए नई कृषि नीति का मसौदा तैयार किया जा [...]
Posted in जंगल, जल, विविध | Tagged agriculure, agriculure policy, farmers, land reforms, policies |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 09 || 15 दिसंबर से 31 दिसंबर 2007:: वर्ष :: 31 :December 31, 2007 पर प्रकाशित
26 नवम्बर 2007 को माँ ने मेरी गोद में अंतिम सांस ली। अभी-अभी पांच मिनट पहले उसने मेरे सिर और गालों को एक हाथ से सहलाया था और मेरी गोद का सहारा लिया था। मगर अब उसका निस्तब्ध शरीर मेरे सामने था और सर मेरी गोद में। मैं उसे निहारते हुए सैंतालीस साल पूर्व की [...]
Posted in विविध, श्रद्धांजली | Tagged death, mother, tribute |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 05 || 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2007:: वर्ष :: 31 :October 15, 2007 पर प्रकाशित
कांग्रेस सरकार द्वारा दो बार, पहला 12 सितम्बर 2003 को और दूसरा 15 जनवरी 2004 को, भू अध्यादेश लाये जाने के बाद भाजपा की खंडूरी सरकार भी 2 मई 2007 को एक नया भू अध्यादेश ले आई। क्या माना जाये कि राज्य की राजनीति में जमीन का सवाल सचमुच प्राथमिकता में आ गया है ? [...]
Posted in विविध, ज़मीन | Tagged government, government policies, land dispute, land issues, land mafia, land policy |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 03 || 15 सितम्बर से 30 सितम्बर 2007:: वर्ष :: 31 :September 15, 2007 पर प्रकाशित
उत्तराखंड में आजकल भाजपा के नेता और कार्यकर्ता शर्मशार हैं। वे शर्मशार हैं क्योंकि राज्य में अपनी ही सरकार और अपने मुख्यमंत्री की तारीफ में वे ऐसे कसीदे नहीं गढ़ पा रहे हैं, जैसा कि उक्रांद के नेता भाई काशी सिंह ऐरी गढ़ रहे हैं। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं का शर्मशार होना लाजिमी है। आखिर [...]
Posted in भ्रष्टाचार, विविध | Tagged bjp, corruption news, kashi singh airee, politics, ukd, uttarakhand kranti dal, uttarakhand politics |
लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2007:: वर्ष :: 31 :August 15, 2007 पर प्रकाशित
ऐसी आशा तो नहीं की जा सकती कि नया पंचायत राज विधेयक उत्तराखण्ड की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करेगा। क्योंकि हमारे विधायकों के पास उत्तराखण्ड के सवालों पर सही समझ का अभाव है। उन्हें यह जानकारी ही नहीं होती कि उन्होंने जो विधेयक ध्वनिमत से पास किया था, उसमें वास्तव में था क्या। नीति [...]
Posted in जनमवार अंक, विविध, विशेषांक | Tagged birthday edition, constitution, government policies, gram ganrajya edition, panchayat raj, village autonomy, village empowerment, ग्राम गणराज्य अंक |
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