लेखक : रमदा :: अंक: 08 || 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 21, 2011 पर प्रकाशित
तुम्हारे बच्चे , तुम्हारे बच्चे नहीं हैं वे जीवन की अपने ही प्रति इच्छा के बेटे और बेटियाँ हैं हालांकि वे तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारे नहीं हैं तुम उन्हें अपना प्यार दे सकते हो अपने विचार नहीं, क्योंकि उनके पास अपने विचार हैं। तुम उन जैसे बनने की कोशिश कर सकते हो, पर उन्हें अपने [...]
Posted in विविध, सांस्कृतिक गतिविधियां | Tagged children, essey, essey competetion 2010, essey competetion by nainital samachar, essey writing., nainital samachar |
लेखक : रमदा :: अंक: 06 || 01 नवंबर से 14 नवंबर 2010:: वर्ष :: 34 :December 29, 2010 पर प्रकाशित
रामनगर में इंटरनेशनल पायनियर्स द्वारा आयोजित पहली अखिल भारतीय नाटक प्रतियोगिता(1977) के दौरान गिरीश तिवाड़ी से पहली बार मिला था। तब वह युगमंच, नैनीताल की प्रस्तुति ‘अंधेर नगरी’ लेकर आया था। गिरदा के अलावा यह रंगकर्म की दुनिया से भी मेरी पहली नज़दीकी मुलाक़ात थी। नाटकों को पढ़ भर लेने से इतर किसी नाट्यदल को [...]
Posted in श्रद्धांजली, संस्मरण | Tagged dram, girda, girda aur hudka, hudka, theater, tribute, tribute to girda, uttarakhand personalities |
लेखक : रमदा :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 9, 2010 पर प्रकाशित
‘माथेरान’ यानी चोटी पर जंगल/शिखर पर वन (वुडेड हैड) मुम्बई का सबसे नजदीकी हिल स्टेशन है। अपने आप में अलग-अनूठा। छायादार घने पेड़ों से लदी-फंदी, हरी-भरी समतल सी पहाड़ी, जिसके चारों ओर, अंदर-बाहर, नीचे-ऊपर लहरदार पैदल रास्ते हैं-पैदल पथ। लगभग आठ सौ मीटर की ऊँचाई और आठ एक हजार की स्थानीय आबादी वाले माथेरान के [...]
Posted in विविध, विशेषांक, हरेला-अंक | Tagged matheran, nainital, tourist destination, tourist places, train at uttarakhand, train journey |
लेखक : रमदा :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2009:: वर्ष :: 33 :September 14, 2009 पर प्रकाशित
उच्च शिक्षा (आशय बारहवीं के बाद की शिक्षा से है) के दो रूप हैं- ज्ञानमूलक एवं क्षमतामूलक। दोनों के बीच एक स्पष्ट विभाजक रेखा खींच पाना कठिन है किन्तु ‘बुद्धि के लिये बुद्धि का प्रशिक्षण’ एवं ‘क्रियात्मक शिक्षा या रोजगार के लिये दक्षता का प्रशिक्षण’ जैसी मोटी रेखा खींची जा सकती है। पहले प्रकार में [...]
Posted in जनमवार अंक, विविध, विशेषांक, शिक्षा | Tagged birthday edition-09, college education, education edition, indian education, शिक्षा, शिक्षा अंक |
लेखक : रमदा :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
नदी का सम्बन्ध पानी से है और रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून…….से लेकर तीसरे विश्व युद्ध के पानी के लिए लड़े जाने की आशंकाओं तक पानी की अहमियत जगजाहिर है। पानी जीवन आधारक बुनियादी संसाधन है। पानी के भीतर सूक्ष्म जीवन अंकुरित होता है……कालान्तर में पुष्पित पल्लवित होती है एक पूरी खाद्य-श्रंखला। पानी [...]
Posted in जन आन्दोलन, जनमवार अंक, नदी बचाओ आन्दोलन, विशेषांक | Tagged birthday edition, river edition, save the river movement, water, नदी अंक |
लेखक : रमदा :: अंक: 12 || 01 फरवरी से 14 फरवरी 2008:: वर्ष :: 31 :February 14, 2008 पर प्रकाशित
रामनगर नदी बचाओ सम्मेलन उत्तराखंड आन्दोलन जन-आकांक्षाओं के विपरीत जा रहे विकास-आयोजन एवं नीतियों के प्रति लगभग पाँच दशकों के अनवरत मोहभंग का परिणाम था। वह विरोध में उठा आम आदमी का सिंहनाद था- नकार का सिंहनाद। नकार के उस सिंहनाद ने उत्तराखंड राज्य के मामले में सामाजिक, आर्थिक, पारिस्थितिकीय, सांस्कृतिक, राजनैतिक आदि-आदि तमाम आयामों [...]
Posted in जन आन्दोलन, जल, नदी बचाओ आन्दोलन, पर्यावरण, विविध | Tagged padyatra, ramnagar, river, save rivers, save the river movement, yatra |
लेखक : रमदा :: अंक: 11 || 15 जनवरी से 31 जनवरी 2008:: वर्ष :: 31 :January 30, 2008 पर प्रकाशित
उत्तराखंड की नदी-घाटियाँ 2008 की शुरूआत के साथ ही जन जागरण और जन आन्दोलनों के गीतों से गूँजने लगी हैं। नदी किनारे की बसासतों से होकर, जल, जंगल और जमीन पर आसन्न संकट के खिलाफ लोगों को सक्रिय होने का संदेश दे रही, लगभग 15 पदयात्राओं का सिलसिला जारी है। जन-आन्दोलनों के गीत, पदयात्रायें तथा [...]
Posted in नदी बचाओ आन्दोलन, पर्यटन, विविध | Tagged river, save rivers, save the river movement, water crisis |
पृष्ठ 1 कुल 1 पृष्ठों में..पृष्ठ : 1
आपकी टिप्पणीयाँ