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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 13 || 15 फरवरी से 28 फरवरी 2011:: वर्ष :: 34 :March 2, 2011 पर प्रकाशित
लोग बीबीसी इसलिए सुनते हैं कि उसमें सच्ची खबरें प्रसारित होती हैं। बीबीसी जो कहता है वह सच के सिवा कुछ नहीं होता…..। क्योंकि बीबीसी पर न कोई बन्धन है न दबाव। आम जन मानस में इस संस्था की यही छवि है। लेकिन इन दिनों बीबीसी पर एक ऐसी सूचना प्रसारित की जा रही है [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 10 || 01 जनवरी से 14 जनवरी 2011:: वर्ष :: 34 :January 26, 2011 पर प्रकाशित
अल्मोड़ा शहर में दो-तीन सार्वजनिक जगहों पर ब्लैक-बोर्ड बने हैं। एक है बस स्टेशन पर, कचहरी को जाने वाली सीढ़ियों के नीचे। दूसरा लाला बाजार में किशन गुरुरानी की दुकान के आगे। तीसरा बावन सीढ़ी वाले चौराहे में सार्वजनिक मूत्रालय की दीवार पर। इस तीसरे ब्लैक-बोर्ड की एक कहानी है। जिसे थोड़ा रुक कर कहूँगा। [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 04 || 01 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2010:: वर्ष :: 34 :October 25, 2010 पर प्रकाशित
राजनीति और मौसम के बारे में हमारी याददाश्त बेहद कमजोर होती है। बड़े से बड़ा घोटालेबाज नेता अगली बार फिर चुनाव जीत जाता है। वोट देते समय न जाने क्यों हम उसके पिछले कुकर्म याद नहीं रख पाते। हमारी याददाश्त का यही हाल तब होता है जब मौसम बदलता है। हर बार गर्मियों में हम [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 13 || 15 फरवरी से 28 फरवरी 2010:: वर्ष :: 33 :February 24, 2010 पर प्रकाशित
होली आ गयी। हर साल आती है। इस बार जरा जल्दी आयी। मैं स्वभाव से घरघुस्सू किसम का हूँ। कोई भी त्यौहार, खास कर होली उत्सवप्रिय आदमी के लिए है। हर त्यौहार में पता नहीं मेरा मन क्यों बुझ सा जाता है। होली में तो सशंकित भी रहता हूँ। भला क्यों, नहीं समझ पाता। भाभी [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 09 || 15 दिसंबर से 31 दिसंबर 2009:: वर्ष :: 33 :December 22, 2009 पर प्रकाशित
मरने के बाद लोग मरने वाले की इतनी और ऐसी-ऐसी तारीफें करते हैं कि सुन कर कई बार मर जाने का बड़ा मन करता है कि हाय, लोग मेरे बारे में कितने ऊँचे और अच्छे विचार रखते हैं। मैं उन्हें यूँ ही कमीना समझता रहा। हम यूँ ही बेखुदी में जिये चले जाते हैं। हमें [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 06 || 01 नवंबर से 14 नवंबर 2009:: वर्ष :: 33 :November 5, 2009 पर प्रकाशित
अभी उस दिन एक परिचित अध्यापिका मुझसे अपना दुख बाँट रही थीं कि ‘‘आज हमारे स्कूल में एक लड़की के पास प्रेम पत्र पाया गया, जिसके लिए उसे खुली असेम्बली में डांट पिलाई गई।’’ मुझे बड़ा बुरा लगा ….. प्रेम पत्र इतनी अस्वाभाविक और अप्राकृतिक चीज तो नहीं कि जिसके लिए इतनी जिल्लत उठानी पड़े [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2009:: वर्ष :: 33 :September 14, 2009 पर प्रकाशित
भूखे से रोटी के बारे में लिखने को कहना तर्कसंगत लगता है, लेकिन अशिक्षित व्यक्ति को शिक्षा के बारे में लिखने को कहना बड़ा अटपटा सा लगता है और अशिक्षित भी ऐसा कि शहर में रहने और तमाम सुख-सुविधाओं के बाद भी सिर्फ अपने निखद्दपने के कारण अपनी शिक्षा पूरी न कर पाये। और उस [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2009:: वर्ष :: 33 :September 14, 2009 पर प्रकाशित
बागेश्वर जब तक अल्मोड़ा जिले का हिस्सा था उसके पास काफी कुछ था अपना कहने को। ऐसा कुछ जिससे हम गौरवान्वित महसूस करते हैं। कई नामी साहित्यकार, सेना के जनरल, खिलाड़ी, फिल्मकार, नामी राजनीतिज्ञ, राज्यपाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ऐतिहासिक महत्व की जेल……. जिसके लिए बागेश्वर वाले कह सकते थे कि ये तो अपने ही जिले [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 23 || 15 जुलाई से 31 मार्च 2009:: वर्ष :: 32 :July 15, 2009 पर प्रकाशित
लीजिए साहब, बारातों का यह सीजन भी निपट गया हर बार की तरह. ….हर बार शादियों के सीजन में शहर से कुछ परिचित चेहरे वाली अपरिचित लड़कियाँ अचानक गायब हो जाती हैं। कई दिनों तक आँखें उन्हें भीड़ में तलाशती रहती हैं। कई बार खयाल आता है कि गई होंगी कहीं रिश्तेदारी वगैरा में, आ [...]
Posted in विशेषांक, हरेला-अंक, हास्य-व्यंग्य | Tagged marriage ceremony, marriages in uttarakhand, suwal pathai, uttarajhand shadi, हास्य-व्यंग्य |
लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 13-14 || 15 फरवरी से 14 मार्च 2009:: वर्ष :: 32 :February 15, 2009 पर प्रकाशित
उत्तराखंड के पूर्व आंदोलनकारी इन दिनों फिर आंदोलित हैं। यह खबर सुखद हो सकती थी बशर्ते कि आंदोलनकारी उस राज्य के व्यापक हितों की बात करते जो उनके संघर्ष की एवज में हमें मिला। जो राज्य फटी पायजामा पहनने वाले आम आदमी के लिये माँगा था, नौकरशाहों, दलालों और हूटर बजाकर आतंकित करने वाले तथाकथित [...]
Posted in राज्य प्राप्ति आन्दोलन, विशेषांक, होली अंक | Tagged uttarakhand state movement, हास्य-व्यंग्य |
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