आखिर नदी बचाओ अभियान ने सरकार के दरवाजे पर दस्तक दी
अन्ततः नदी बचाओ अभियान के दबाव में आकर उत्तराखंड शासन को आन्दोलनकारियों की बात सुननी ही पड़ी। 14 मई की शाम मुख्य सचिव एस.के. दास की अध्यक्षता में उनके ही सभा कक्ष में एक बैठक बुलाई गई, जिसमें नदी बचाओ अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों के अतिरिक्त उत्तराखंड जल विद्युत निगम लि. के अध्यक्ष व प्रबंध [...]
चेतना आन्दोलन की पदयात्रा: यहाँ माइक्रोप्लान तक ठीक नहीं बने हैं
वन विभाग द्वारा वन पंचायतों की लगातार उपेक्षा को देखते हुए पिछले दिनों चेतना आन्दोलन के नेतृत्व में भिलंगना विकासखण्ड की चार पट्टियों में पदयात्रा की गयी। पदयात्रा आरगढ़ पट्टी से प्रारम्भ होकर गोनगढ़, थाती, कठूड़ से होती हुई बासर पट्टी के लस्याल गाँव में समाप्त हुई। पदयात्रा में चेतना आन्दोलन के त्रेपन सिंह चौहान, [...]
शिक्षा की तो पूरी सोच बदलने की जरूरत है
उत्तराखंड का शिक्षा विभाग शिक्षा में जिस गुणात्मक सुधार की कल्पना एवं कोशिश कर रहा है, वह धरातल पर सार्थक होता नहीं दिख रहा है। जब तक शिक्षा के मूलभूत ढाँचे में परिवर्तन एवं उसका शत-प्रतिशत पालन नहीं होता, केवल अधिकारियों की फौज खड़ी कर देने मात्र से काम बनने वाला नहीं है। यदि पाठ्यक्रम [...]
महिला समाख्या ने महिलाओं में आत्मविश्वास भरा
महिला समाख्या, नैनीताल द्वारा आयोजित दो दिवसीय शिक्षा उत्सव में धारी, बेतालघाट, रामगढ़ एवं ओखलकांडा की सैकड़ों महिलाओं द्वारा भागीदारी की गई। जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बसंती पाठक द्वारा बताया गया कि महिला समाख्या भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की परियोजना है, जो अस्सी के दशक में आई नई शिक्षा नीति के तहत [...]
पर्वतीय पत्रकार एसोसिएशन का अधिवेशन सम्पन्न
पर्वतीय पत्रकार एसोसियेशन के गैरसैंण में 1-2 नवम्बर 07 को संपन्न द्वितीय प्रांतीय अधिवेशन में पत्रकारों को तहसील व ब्लॉक स्तर पर मान्यता देने, प्रत्येक तहसील में प्रेस भवन बनाने, दीक्षित आयोग को भंग कर गैरसैंण को राजधानी घोषित करने तथा बी.एम.बी. मोटर मार्ग को तलवाड़ी व नारायणबगड़ गैरसैंण मोटर मार्ग का निर्माण शीघ्र करने [...]
संग्रामी पत्रकारों की याद
नई दिल्ली के प्रेस क्लब में पिछले दिनों आयोजित एक कार्यक्रम में सन 1857 की महान क्रांति में अहम भूमिका निभाने और देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर देने वाले पत्रकार शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर आजादी की पहली जंग में शहीद हुए ‘देहली उर्दू अखबार‘ के संपादक मौलवी बाकर [...]
छिः… कैसे-कैसे पत्रकार !
शिव की नगरी बागेश्वर आजकल पत्रकारों के कृत्यों से शर्मसार है। जनता भी उदासीनता छोड़ कर धीरे-धीरे ऐसे पत्रकारों की काली करतूतों के खिलाफ लामबंद होने लगी है। ताजा घटनाक्रम में पुलिस ने बीते दिनों नगर के एक प्रतिष्ठित होटल से दो पत्रकारों के साथ एक नाबालिग लड़की को आपत्तिजनक अवस्था में छापे के दौरान [...]
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