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लेखक : उदय किरौला :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
अल्मोड़ा में आयोजित भाषा संस्थान के सरकारी कार्यक्रम में भाषा मंत्री मातबर सिंह कंडारी का रवैया बेहद आपत्तिजनक रहा। कुमाउनी भाषा सम्मेलन के हॉल में पहुँचते ही भाषा मंत्री आयोजकों पर बिफर पड़े। कार्यक्रम औपचारिक रूप से प्रारंभ हो, उससे पूर्व मंत्री जी ने संचालक से माईक लेकर अपनी बात प्रारंभ कर दी। उन्होंने कुमाउँनी [...]
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लेखक : उदय किरौला :: अंक: 03 || 15 सितंबर से 30 सितंबर 2010:: वर्ष :: 34 :October 2, 2010 पर प्रकाशित
आश्विन के पहले गते को कुमाऊँ में मनाया जाने वाला खतडुवा भी पशुओं का त्यौहार है। इस दिन गाँव के सभी घरों में भांग की डंडी पर काँस (घास) व फूल आदि लगाये जाते हैं। सायं सभी घरों के लोग चिराग जलाकर भाँग की फूल व काँस लगी इस डंडी को गाय के गोठ (गोशाला) [...]
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लेखक : उदय किरौला :: अंक: 20 || 01 जून से 14 जून 2010:: वर्ष :: 33 :June 8, 2010 पर प्रकाशित
विभिन्न अंचलों के अपने-अपने लोकनृत्य होते हैं। कुमाऊँ का लोकनृत्य छोलिया नृत्य कहा जाता है। इस नृत्य को करने वालों को छोल्यार कहा जाता है। यह नृत्य प्रायः पुरुषों द्वारा किया जाता है। यह नृत्य यहाँ श्रृंगार व वीर रस दो रूपों में देखने को मिलता है। कुमाऊँ के पाली पछाऊँ में प्रचलित छोलिया नृत्य [...]
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लेखक : उदय किरौला :: अंक: 11 || 15 जनवरी से 31 जनवरी 2010:: वर्ष :: 33 :January 23, 2010 पर प्रकाशित
राजा आनन्द सिंह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, अल्मोड़ा में ‘बाल प्रहरी’ व भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पाँच दिवसीय बच्चों की लेखन कार्यशाला में बच्चों ने अपनी लेखनी के माध्यम से कई सवाल उठाये। बच्चों ने स्व रचित कविताओं में अल्मोड़ा की बाल मिठाई, गंदगी, ऐतिहासिक जेल को जहाँ स्थान दिया, [...]
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लेखक : उदय किरौला :: अंक: 23 || 15 जुलाई से 31 मार्च 2009:: वर्ष :: 32 :July 15, 2009 पर प्रकाशित
अकसर बच्चों की व उनकी भावनाओं की उपेक्षा की जाती है। उनसे सिर्फ आज्ञा पालन की अपेक्षा की जाती है। अधिकतर बच्चे शिक्षक से अपने मन की बात नहीं कह पाते हैं। बच्चे कहें या न कहें परंतु शिक्षक से उन्हें काफी शिकायतें होती हैं । अल्मोड़ा में भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा आयोजित बाल [...]
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