उत्तराखंड से प्रकाशित ‘बालप्रहरी’ एवं सलूंबर (उदयपुर) की साहित्यिक संस्था ’सलिला’ के संयुक्त तत्वावधान में 26 से 30 सितंबर 2011 तक लवकुश विद्यालय सलूँबर (उदयपुर) में बच्चों की 5 दिवसीय लेखन कार्यशाला के समापन में 52 बच्चों की हस्तलिखित पुस्तकें विशेष आकर्षण का केन्द्र रहीं। बच्चों ने बालप्रहरी, बालवाणी, बालभारती, ज्योति, बालमन, बालवाटिका, ज्योति, नवज्योति, किरण आदि नामों से लगभग 15 पृष्ठों की आकर्षक हस्तलिखित पुस्तक तैयार की। पुस्तक में जीवन परिचय, जीवन की घटना, कहानी, कविता, यात्रा वृतांत, पहेली, चुटकुले सहित बालमन की कई साहित्यिक विधाएँ बच्चों ने प्रस्तुत कीं। समापन समारोह में आयोजित बच्चों की काव्य गोष्ठी भी एक उपलब्धि थी। 20 बच्चों ने स्वरचित कविताओं का पाठ किया। गोष्ठी की अध्यक्षता भी कक्षा 8 के छात्र मयंक शर्मा ने की। संचालन कुमारी भानिषा नेभनाणी एवं कश्मीरा चौबीसा ने किया। कार्यशाला में वरिष्ठ बाल साहित्यकार राष्ट्रबंधु,, बाल प्रहरी के संपादक उदय किरौला, बालसाहित्य शोध एवं संवर्द्धन समिति उत्तराखंड के अध्यक्ष रतनसिंह किरमोलिया, सलिला संस्था की संस्थापक डॉ. विमला भंडारी, शांतिलाल शर्मा, गजेन्द्र वर्मा ’गुलशन’ आदि ने बच्चों को साहित्य की विभिन्न विधाओं की जानकारी दी।