आई.डी. जोशी
बिनसर वन्य जीव विहार द्वारा बनाये गये ‘बिनसर इको टूरिज्म मैप’ का लोकार्पण 14 मई को बिनसर स्थित वन विभाग के डाकबंगला परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश के पेयजल एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत द्वारा किया गया। इस अवसर पर बिनसर में विलेज वेज के नाम से पर्यटन चला रहे हिमांशु पांडे ने टूरिज्म मैप को महत्वपूर्ण कदम बताया। होटल व्यवसायी केशर सिंह ने कहा कि धौलछीना क्षेत्र में पर्यटन से काफी लोगों को रोजगार मिला है और ग्रामीणों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल रहा है। उन्होंने दावानल को पर्यटन व्यवसाय के लिए घातक बताया। उत्तराखण्ड संसाधन पंचायत के संयोजक ईश्वर जोशी ने संरक्षित क्षेत्रों में वन्य जीव एवं ग्रामीणों के बीच निरंतर बढ़ रहे संघर्षों पर चिन्ता जताते हुए उसके कारणों को समझने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बिनसर अभयारण्य के भीतर रहने वाले ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं से भी अवगत कराया। होटल एसोसिएशन बिनसर के अध्यक्ष प्रदीप साह ने प्रस्तावित सरयू- सेराघाट- अल्मोड़ा पेयजल योजना के अन्तर्गत बिनसर में टैंक बनाकर बिनसर स्थित होटलों को पेयजल उपलब्ध कराने की बात कही। उत्तराखंड संसाधन पंचायत के अलावा ग्राम प्रधान संगठन ताकुला, सरपंच संगठन ताकुला, होटल एसोसिएशन बिनसर, पर्यटन विकास समिति तथा भारत की जनवादी नौजवान सभा की ओर से ज्ञापन दिया गया। ग्राम प्रधान संगठन ताकुला के अध्यक्ष चंदन सिंह ने वन विभाग एवं ग्रामीणों के बीच संवाद बढ़ाये जाने की वकालत की।
प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) एस.के. चन्दोला ने माना कि मानव और वन्य जीव संघर्ष एक बड़ी समस्या बन रहा है। उन्होंने जंगली जानवरों द्वारा की जाने वाली क्षति पर दिये जाने वाले मुआवजे में बढ़ोतरी का आश्वासन दिया। केन्द्र सरकार द्वारा गठित फारेस्ट वाइल्ड लाइफ इको टूरिज्म गाइड लाइन कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय पर्यटन सचिव सुरजीत बनर्जी ने कहा कि संरक्षित क्षेत्रों का दायरा बिना प्रभावित ग्रामीणों की सहमति के नहीं बढ़ाया जा सकेगा। इस आशय की रिपोर्ट भारत सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को सौंपने जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक संरक्षित क्षेत्र में एक सलाहकार समिति गठित की जायेगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा उस क्षेत्र के ग्राम प्रधान, सरपंच, पर्यटन व्यवसायियों व स्वयंसेवी संस्थाओं को शामिल किया जायेगा। मुख्य वन संरक्षक ईको टूरिज्म राजीव भरतरी ने कहा कि बिनसर में इको पर्यटन का विकास हमेशा ही उनकी प्राथमिकता में रहा है। मुख्य अतिथि प्रकाश पंत ने कहा कि उत्तराखण्ड में इको पर्यटन के जरिये रोजगार को बढ़ाने की काफी संभावनाएँ हैं। अभयारण्य के चारों ओर के ग्रामीणों की दिक्कतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर प्रयास करना होगा। उन्होंने बिनसर अभयारण्य में प्रवेश शुल्क में की गयी वृद्धि को वापस लेने के लिये मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। मैप के निर्माता आर्क.आइ.संस्था के एल. सैंथरा ने मानचित्र को बनाने के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी राहुल, मुख्य विकास अधिकारी धीरज सिंह गर्ब्याल, एस.डी.एम. नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल और पी.एल.साह, प्रसिद्ध छायाकार थ्रीस कपूर व अनूप साह, जे.एस. मेहता. मुक्ति दत्ता, जल निगम के अधिशासी अभियंता आर.पी. जोशी, सरपंच संगठन ताकुला के अध्यक्ष सतीश पांडे, दिनेश पांडे, लक्ष्मण सिंह भाकुनी सहित स्थानीय ग्रामीण एवं होटल व्यवसायी उपस्थित थे।