गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की माँग को लेकर उत्तराखण्ड आन्दोलनकारियों का एक दिवसीय सम्मेलन सितम्बर को श्रीनगर में बृहद् स्तर पर आयोजित किया गया। ‘गैरसैंण राजधानी बनाओ संयुक्त समिति’ के तत्वावधान में पहाड़ के दूरदराज से आये आन्दोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि राजधानी अगर बनेगी तो गैरसैंण में।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड लोक वाहिनी के डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट, उत्तराखण्ड महिला मंच की संयोजक कमला पंत, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, इन्द्रेश मैखुरी, पुष्पा चौहान, डॉ. नागेन्द्र जगूड़ी समेत अन्य वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि राजधानी के मुद्दे को राजनैतिक दल जान-बूझकर उलझाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि उत्तराखण्ड की जनता अपनी राजधानी वर्षों पहले ही गैरसैंण घोषित कर चुकी है। अब राजधानी के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। साथ ही सभी आन्दोलनकारियों को गैरसैंण के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की। 16 अगस्त को देहरादून सम्मेलन में पारित कार्यक्रम, जिसमें 2 अक्टूबर को सम्पूर्ण उत्तराखंड बंद तथा 9 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस इस वर्ष गैरसैंण में मनाना शामिल है, की पुष्टि की गई। शाम को उत्तराखण्ड के लोकवाद्यों की मधुर धुनों के साथ आन्दोलनकारियों ने श्रीनगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई सांस्कृतिक रैली निकाली, जो गोला बाजार पहुँचकर एक सभा में तब्दील हुई। जनसभा में आम लोगों से इस मुद्दे पर खुलकर सामने आने की बात कही गई। श्रीनगर में आयोजित सम्मेलन इस बात का प्रतीक है कि उत्तराखण्डियों को अभी एक और लड़ाई लड़नी है और वह है गैरसैंण को राजधानी बनाने को लेकर।
फोटो : दिल्ली से गैरसैण यात्रा
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