सात सालों बाद भी दिशाहीन है यह राज्य
उत्तराखंड राज्य बनने पर उसकी जो मुख्य आवश्यकताएँ थीं, उनमें से कुछ की पूर्ति नहीं हुई। राज्य की क्या उपलब्धियाँ रहीं उस पर नेताओं-प्रशासकों ने इसकी सातवीं वर्षगाँठ को अवसर पर बहुत कुछ बोला है, लेकिन राज्य को जीवन में कुछ बदलाव आया भी कि नहीं, इस पर न बहस हुई और न ही राज्य [...]
मोहन सिंह को उम्मीद है डी.एम. बचा लेगा माफिया से
अपनी उपजाऊ जमीन पर अवैध रूप से किये जा रहे खड़िया खनन का विरोध करना इतना महंगा साबित होगा, यह सी.आर.पी.एफ. में तैनात सीसाखानी निवासी मोहन सिंह मनराल ने कभी सोचा भी न था। अर्द्धसैनिक बल के अनुशासित इस जवान को कभी गुमान भी नहीं रहा होगा कि खनन ठेकेदारों का चहेता बागेश्वर का जिला [...]
केदारघाटी में घुस आये शराब के तस्कर
आबकारी विभाग से सरकार को राजस्व के रूप में जितना पैसा मिलता है, उतना शायद ही कहीं और से मिलता हो। मगर जहाँ एक ओर शराब की बोतलों पर कीमत चस्पाँ कर लोग कुछ राहत ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तयशुदा रेट से अधिक कीमत वसूल कर शराब के कारोबारी अधिक पैसा बटोर रहे [...]
आपको भ्रष्टाचार क्यों नहीं दिखाई दे रहा है ऐरी जी ?
उत्तराखंड में आजकल भाजपा के नेता और कार्यकर्ता शर्मशार हैं। वे शर्मशार हैं क्योंकि राज्य में अपनी ही सरकार और अपने मुख्यमंत्री की तारीफ में वे ऐसे कसीदे नहीं गढ़ पा रहे हैं, जैसा कि उक्रांद के नेता भाई काशी सिंह ऐरी गढ़ रहे हैं। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं का शर्मशार होना लाजिमी है। आखिर [...]
कुछ के लिये आजीविका का साधन हैं पंचायत
प्रस्तुति: लक्ष्मण सिंह नेगी बी.एस.रावत प्रेम सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य (लाता वार्ड), उम्र 32 वर्ष, ग्राम लौंग तोल्मा पो. सुराई थोटा, वि.ख. जोशीमठ, चमोली: पंचायतों को और जिम्मेदारियाँ दी जायें तो वे अधिक काम करेंगी। इससे पंचायतों में स्वराज की भावना जागृत हो सकती है। आज व्यक्तिवादी सोच बढ़ रही है और सरकार पंचायतों पर [...]
कमीशनखोरी तो रुकनी ही चाहिये
प्रस्तुति : कमलेश कुँवर पंचायतों से विकास कार्य करना भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर ही संभव है। ग्राम पंचायतें अपने भौगोलिक परिवेश व आवश्यकतानुसार विकास कार्यों से सम्बन्धित तमाम योजनाएँ बना सकती हैं और उन्हें पूरा भी कर सकती है। राजधानी से गाँवों की योजना बनाने से धन का दुरुपयोग ही होगा। प्रदेश में लघु सिंचाई [...]
अब विवेकाधीन कोष पर रोक लगने के दुष्परिणाम दिख रहे हैं
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के कथित दुरुपयोग के आरोपों के चलते भयभीत पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी ने अब अपने विवेक से मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से कोई राहत न देने का फैसला किया है। पिछली सरकार से कुछ अलग हटकर कार्य करने के निर्णयों से कई बार अहित भी [...]
भारत हेवी इलैक्ट्रिकल्स भी शामिल है जमीन के घोटाले में
इस देश के अन्नदाता का इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि उसने देश के औद्योगिक विकास के लिए सहर्ष अपनी जो भूमि दी, वह उद्योगों के काम न आकर अधिकारियों की कृपा से गलत लोगों के हाथों में चली गई। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सन् 1961 में हरिद्वार के निकट रानीपुर समेत 9 [...]
आपकी टिप्पणीयाँ