विश्वविद्यालय परिसर फासीवाद की नर्सरी बन रहा है
प्रस्तुति : रमाशंकर 19, 20 व 21 नवम्बर 2007 को ‘दखल: एक सांस्कृतिक अभियान’ द्वारा कुमाऊँ विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा कैम्पस में परिसर प्रशासन की अनुमति से एक पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था, जिसमें प्रेमचन्द, गोर्की, पुस्किन, टॉलस्टाय, महाश्वेता देवी, तस्लीमा नसरीन, नागार्जुन, यशपाल, गिरीश तिवारी ’गिर्दा,’ नरेन्द्र सिंह नेगी, विद्यासागर नौटियाल जैसे दर्जनों [...]
जातिवादी सोच में अबला का दर्द भी दब गया
उत्तराखंड में समाज के तमाम वर्ग धर्म व जातिवाद के गहरे दलदल में समाते जा रहे हैं। अब तो पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं रही। पत्रकारिता के निःस्वार्थ और मिशन होने का दावा कुछ पत्रकारों की करनी से नेपथ्य में जाने लगा है। इस भयानक बुराई के चलते बागेश्वर का एक पत्रकार पिछले दिनों बर्बाद [...]
शर्मशार हुआ स्वामी श्रद्धानन्द का गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय
दिल्ली विश्वविद्यालय और रवीन्द्र नाथ टैगोर द्वारा स्थापित शांति निकेतन के बाद अश्लील सीडी का एक मामला पिछले दिनों प्रख्यात समाज सुधारक स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती द्वारा 105 वर्ष पूर्व में हरिद्वार में स्थापित गुरुकुल कांगड़ी में भी हुआ। गत 21 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में तब अफरातफरी का माहौल छा गया, जब कुलपति प्रो. स्वतंत्र [...]
छिः… कैसे-कैसे पत्रकार !
शिव की नगरी बागेश्वर आजकल पत्रकारों के कृत्यों से शर्मसार है। जनता भी उदासीनता छोड़ कर धीरे-धीरे ऐसे पत्रकारों की काली करतूतों के खिलाफ लामबंद होने लगी है। ताजा घटनाक्रम में पुलिस ने बीते दिनों नगर के एक प्रतिष्ठित होटल से दो पत्रकारों के साथ एक नाबालिग लड़की को आपत्तिजनक अवस्था में छापे के दौरान [...]
महिला मैत्री गोष्ठी: प्रशासन और जनता के बीच संवाद की कोशिश
‘मैत्री’ महिला संगठन द्वारा 12 अगस्त 2007 को एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। आर्य समाज, नैनीताल में आयोजित गोष्ठी का विषय था ‘हम और हमारा कानून’। वर्ष 1993 में नैनीताल शहर में एक ऐसी घटना हुई थी, जिसने सारे शहर को आंदोलित कर दिया था। नौ वर्षीय बालिका ममता की अपहरण के बाद बलात्कार [...]
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