पायलट बाबा का अतिक्रमण तोड़ा
न्यायालय के आदेश के बाद उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने महामण्डलेश्वर पायलट बाबा के आश्रम को 22 दिसम्बर 2011 को ढहा दिया। धार्मिक कार्यों की आड़ में अनैतिक कर्म करने वाले कई अनेक कथित संतों की तरह पायलट बाबा ने भी उत्तरकाशी-गंगोत्री राजमार्ग के किनारे सैंज कुमाल्टी गाँव में बने अपने आश्रम का विस्तार राजमार्ग और [...]
महिला मतदाता निर्णायक होंगी पिथौरागढ़ जनपद में
परिसीमन के बाद इस बार जनपद पिथौरागढ़ में एक सीट कम हुई है। कनालीछीना विधानसभा सीट के खत्म होने के बाद अब पाँच के बदले चार, पिथौरागढ़, डीडीहाट, गंगोलीहाट, धारचूला विधानसभा सीटें ही अस्तित्व में हैं। पिछले दो चुनावों को देखें तो कनालीछीना में 2002 के चुनाव में यूकेडी के काशी सिंह ऐरी विजयी रहे [...]
पौड़ी जिले पर दोहरी मार
नये परिसीमन से पौड़ी जिले को दोहरी मार पडी। दो सीटों के नुकसान के साथ विधानसभा में प्रतिनिधित्व कम हुआ तो बरसों से इस पहाड़ क्षेत्र के बलबूते राजनीति कर रहे कुछ दिग्गजों का मैदानी इलाकों को पलायन भी हुआ। परिसीमन से बदले समीकरण इन्हें रास नहीं आये और अपने घर-द्वार को छोड़ कहीं बाहर [...]
बंगाली विस्थापितों ने दस्तक दी
अजय कुमार मलिक ‘तड़प’ सितारगंज विधानसभा सीट पर भाजपा का टिकट किरन मंडल को मिलना बरसों से चले आ रहे आंदोलन का नतीजा है। उनकी पहल पर बंगाली कल्याण समिति के बैनर तले नागरिकता, अनुसूचित जाति का दर्जा दिये जाने आदि माँगों को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन हुए, जो आज तक जारी हैं। सन् 2000 [...]
पहाड़ से भाग रहे हैं नेता
प्रवीन कुमार भट्ट आम जनता की तरह उत्तराखंड के नेता भी मैदानों की ओर पलायन कर रहे हैं। पहले ही वे देहरादून और हल्द्वानी में अपने मकान बना चुके थे। अब उन्होंने पहाड़ से चुनाव लड़ने के लिए भी तौबा कर ली है। राज्य के ज्यादातर दिग्गजों ने मैदानों में अपने लिए सुरक्षित सीटें तलाश [...]
प्राप्ति स्वीकार :चमकता रहेगा स्वीली घाम
इस संकलन की 13 कहानियों में पर्वतीय अंचल के लोक-विश्वासों, मान्यताओं और उनसे जुड़ी विपत्तियों का स्वाभाविक चित्रण है। ये कहानियाँ एक समूचे लोक का प्रतिनिधित्व करती हैं। अकाल मृत्यु का ग्रास बनकर ‘आछरियों के ताल’ में समा जाने वाली बेटियाँ; ट्रक ड्राइवर द्वारा प्रेमिका को सुकून देने के लिये बजाया जाने वाला लम्बा हॉर्न; [...]
चाँचरी धमाको के बहाने लोक की चर्चा
हिन्दी की बोलियों में, लोक साहित्य की विभिन्न विधाओं के संकलन और अध्ययन में देवेन्द्र सत्यार्थी, राहुल सांकृत्यायन, बनारसी दास चतुर्वेदी, वासुदेवशरण अग्रवाल जैसे लेखकों का योगदान उल्लेखनीय है। कुमाउँनी और गढ़वाली के लोक साहित्य टटोलने- थाहने की ओर पहले पहल लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, नृवंश शास्त्री डॉ. धीरेन्द्र मजूमदार का ध्यान गया। संयोग से [...]
चुनाव आयोग को उत्तराखण्ड की परवाह नहीं
सीताराम बहुगुणा उत्तराखंड में मतदान की तिथि 30 जनवरी घोषित होने के बाद जहाँ राज्य का सियासी पारा गर्म है, वहीं बर्फबारी और ठंड से अधिकांश पहाड़ी क्षेत्र में जनजीवन अस्तव्यस्त है। हाड़ कंपाती इस ठंड के बीच चुनाव प्रक्रिया जारी है। कई प्रत्याशियों ने बर्फबारी के बीच ही नामांकन करवाया। स्वयं मुख्यमंत्री खंडूरी बर्फ [...]
यदि आप वोट न देना चाहें
यदि आप को लगता है कि चुनाव में खड़ा कोई भी उम्मीदवार ऐसा नहीं है, जिसके ऊपर विश्वास कर उसे जिताना चाहें तो आप ‘मत देने से इन्कार’ अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस अधिकार के लिये आप जब वोट देने जायें तो वहाँ बैठे चुनाव अधिकारी से फार्म 49 ओ माँगें। इसे देने [...]
गङ् नाण
हिट हो आब गङ् नै ऊनूँ ! यो उतरैणि ऐ गे छ माघ में, पुण्य भै वीकें कमै ल्यूँ।। आब काँ रै गे गङ अहो ! आब पाणि न्हैति इन गंगन में। सब गाड़न में रूढ़ बरसि गै, ढुङ डाव रेत भरी सबन में।। जौलजीवि, बागसर, जागिसर, सबे अलीत-पलीत बणै। गङ बै सिरि सब उज्याडि़ [...]
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