फौज से नई तकनीक लाते हैं तिरुवा
घनश्याम जोशी पहाड़ में जितनी भी खेती बची है, उसका श्रेय फौजियों को जाता है। देश की सीमाओं की रखवाली में उम्र गुजार देने के बाद एक फौजी घर आता है तो खेती-बाड़ी में जुट जाता है। तकनीकी विभागों में तैनात कुछ फौजी अपनी छुट्टियों का उपयोग भी खेती के लिए करते आए हैं। कपकोट [...]
आशल-कुशल
राज्य के ऊँचे इलाकों में बर्फ गिरने से अनेक स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और यातायात बाधित हुआ। स्कूल-कालेजों के खुलना शुरू हो जाने के बावजूद अभी भी मौसम ठंडा बना हुआ है। हालाँकि वर्षा-बर्फबारी का प्रकोप मुख्यतः राज्य के उत्तर पश्चिमी हिस्से में ही अधिक है। उत्तराखंड विधान सभा के चुनावों के लिए 30 [...]
डायरी का भी एक रुतबा था !
‘‘डायरी के बजाय कुछ नकद दे देते तो ठीक रहता…।’’ नव वर्ष में खडि़या मालिक द्वारा भिजवाई गई डायरी मिलने के बाद यह प्रतिक्रिया बागेश्वर के कुछ पत्रकारों की थी। उनकी बात में दम है। बाजार से खरीद कर दी गई डायरी फिर से बाजार में बेची तो जा नहीं सकती। और डायरी आज के [...]
पेड़ काटो, जुर्माना दो, मकान बनाओ
कमल जगाती पेड़ काटो चालान कराओ और घर बनाओ ! यही हो रहा है नैनीताल में। वन विभाग के द्वारा लगभग साठ मामलों में अवैध निर्माण की सूचना प्राधिकरण को दी गई थी। कई मामलों में लोगों ने अपने प्लाट में से पेड़ ही गायब कर दिए। पकडे़ गये लोगों के चालान हुए, जिसे भुगत [...]
अब देवसारी प्रोजेक्ट से गुस्सा
प्रवीन कुमार भट्ट गंगा की प्रमुख सहायक पिंडर नदी पर सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा 1300 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही 252 मेगावाट की देवसारी जल विद्युत परियोजना से स्थानीय जनता गुस्से में है। पिंडर घाटी के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। परियोजना के खिलाफ गठित ‘भू स्वामी संघर्ष समिति’ का [...]
यूँही चुपचाप चले गये नवीन नौटियाल
सुरेन्द्र जब हर कोई चुनाव परिणाम के कयासों में मुब्तिला था, तभी 2 फरवरी की शाम देहरादून से रानू बिष्ट का फोन आया कि भाई नवीन नौटियाल नहीं रहे। राजनैतिक कोलाहल के मध्य नवीन नौटियाल का निधन भी दब कर रह गया। उत्तराखंड का कोई जनांदोलन हो या सामाजिक सरोकारों और मुददों की कोई लड़ाई, [...]
भक्त दर्शन को क्यों भूल गये हैं हम ?
दर्शन सिंह रावत भक्तदर्शन का जन्म 12 फरवरी 1912 को गोपाल सिंह रावत के घर हुआ। आपका मूल गाँव था, भौराड़, पट्टी साँबली, पौड़ी गढ़वाल। सम्राट जॉर्ज पंचम के राज्यारोहण वर्ष में पैदा होने के कारण उनके पिता ने उनका नाम राजदर्शन रखा था, परन्तु राजनीतिक चेतना विकसित होने के बाद जब उन्हें अपने नाम [...]
अब शुरू हो गया ‘राइट टू रिजेक्ट’
कमल जगाती ‘49 ओ’ यानी आप मतदान तो करेंगे लेकिन खड़े हुए प्रत्याशियों में से किसी को वोट नहीं देंगे। उत्तराखंड में इस बार के विधानसभा चुनाव का यह उल्लेखनीय पहलू यह ‘राईट टू रिजेक्ट’ होना था। हमने कई लोगों को कहते हुए सुना कि हमने 49 ओ का इस्तेमाल किया। कुछ लोगों को शिकायत [...]
लोक गंगा के विशेषांक का विमोचन
‘लोक गंगा’ के विशेषांक का विमोचन करते हुए सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद सुन्दर लाल बहुगुणा ने कहा कि हिमालय को बचाने का मूल मंत्र है कि यहाँ की परिस्थितियों का ध्यान रखा जाये तथा यहाँ के जल, जंगल जमीन के सवाल को प्रमुखता से उठाया जाये। हिमालिका फाउण्डेशन देहरादून द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. शेखर पाठक [...]
न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी
विधानसभा चुनावों की सरगर्मियाँ शुरू होते ही बरबस जो वाक्य दिमाग में कौंधा वह था, ‘न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी’। अब जबकि उम्मीदवारों के नसीब ई.वी.एम. में बन्द हैं, यह तय नहीं है कि कौन जीतेगा मगर यह तय है कि लोग इस बार भी हारेंगे। इस असलियत से रूबरू मैं ठीक [...]
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