उनके गीतों को सुनके धौ नहीं होती : कमल नेगी
गिरदा का नाम आते ही जेहन में उभरता है कुर्ता पायजामा पहने, कंधे में झोला लटकाये किसी बात पर मनन करता सा एक शान्त व्यक्तित्व। उत्तराखंड आंदोलन के दौरान की वे बैठकें याद आती हैं, जिनमें गिरदा की अनिवार्य उपस्थिति रहती थी। बैठकें चलती रहतीं, सब लोग अपने विचार रखते। सबकी बातों को ध्यान से [...]
वे बात-बहस से शब्द चुनते थे
(‘नशा नहीं रोजगार दो’ आंदोलन के दौरान गिरदा के आसपास एक शख्सियत प्रायः मौजूद रहती थी। बनियान के अन्दर एक कमीज और बनियान के बाहर वास्कट जैसा कुछ। पीठ और सिर के बीच कॉलर पर लटका स्टील के हैण्डिल वाला छाता। इस शख्स का नाम है राम सिंह……यानी रमदा। आज के दिन एक नाव के [...]
श्रद्धान्जलियाँ : वे अलबलाट में हमसे बिछड़ गये
उनके जाने से यह नदी समाप्त हो चुकी है ‘गढ़ गौरव’ के अगस्त 2010 के अंक से जनकवि गिरीश तिवाड़ी ‘गिरदा’ के निधन का समाचार पढ़कर मुझे अत्यन्त दुःख हुआ। मैंने नैनीताल स्थित कई मित्रों को फोन मिलाया, किन्तु इस संचार क्रांति के युग में भी किसी से सम्पर्क न हो सका। गिरदा को मैं [...]
गिर्दा आखिर क्या था ?
एक वाक्य में कहूँगा- ‘गिरदा मैक्सिम गोर्की की कहानियों का एक साधारण सा पात्र था, जो अपने जीवन में एक ऐसा असाधारण कर जाते हैं कि दुनिया उन्हें सदा याद रखती है।’ गोस्वामी तुलसीदास के राम हर इन्सान के हृदय में ईश्वर की मूर्ति बन कर विराजमान हैं। अर्थात् हम ये स्वीकार करते हैं कि [...]
हमारा कॉलम : आखिर गिरदा रोज-रोज तो पैदा नहीं होते।
इस बार से ‘नैनीताल समाचार’ की प्रिंटलाईन में गिरीश तिवाड़ी ‘गिरदा’ का नाम नहीं छपेगा। 33 साल का रिश्ता एक झटके से खत्म हो गया। कितना बड़ा शून्य आ गया समाचार में ? हम न सिर्फ हतप्रभ और किंकर्तव्यविमूढ़ हैं, बल्कि पूरी तरह असहायता में डूबे हुए हैं। हाल के सालों में हालाँकि समाचार की [...]
अलविदा प्रताप भय्या
इसे मात्र सहयोग कहें या भाग्य का लेख कि अभी आम जन की अभिव्यक्ति कहे जाने वाले गिर्दा की चिता ठण्डी भी नहीं हो पाई थी कि 22 अगस्त की रात पूर्व मंत्री प्रताप भैय्या के देहान्त की खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया। सात साल के शरारती प्रताप (जन्म: 30 दिसम्बर 1932, ग्राम च्यूरीगाड़) [...]
श्रद्धांजली
सोमेश्वर से नैनीताल समाचार के सहयोगी संजय वर्मा के बड़े भाई किरन वर्मा का 15 अगस्त 2010 को आकस्मिक निधन हो गया। वे 47 वर्ष के थे। नैनीताल समाचार के सहयोगी हेम तिवारी के पिता मोहन चन्द्र तिवारी का 19 अगस्त 2010 को 55 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे गरुड़ तहसील में [...]
गिर्दा के लिये मरदूद का मातम
क्या शानदार शवयात्रा थी तुम्हारी कि जिसकी तुमने जीते जी कल्पना भी न की होगी। ऐसी, कि जिस पर बादशाह और मुख्यमंत्री तक रश्क करें। दूर-दूर के गरीब-गुरबा-गँवाड़ी। होटलों के बेयरे और नाव खेने वाले और पनवाड़ी। और वे बदहवास कवि-रंगकर्मी, पत्रकार, क्लर्क, शिक्षक और फटेहाल राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता जिनके दिलों की आग भी अभी ठंडी [...]
श्रीदेव सुमन की पुण्य स्मृति
अमर शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्य तिथि के मौके पर नई टिहरी स्थित बौराड़ी के मिलन केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में सर्वोदयी कार्यकर्ता धर्मानन्द नौटियाल को सम्मानित किया गया। यह तय किया गया कि अगले वर्ष यह कार्यक्रम श्रीनगर (पौड़ी) में होगा। धर्मानन्द नौटियाल ने बूढ़ा केदार क्षेत्र में उत्तराखंड का पहला सर्वोदय परिवार बनाने [...]
याद रहेंगे पत्तीदास
टिहरी रियासत के प्रजामण्डल एवं आजादी के बाद उत्तर प्रदेश की अन्तरिम सरकार में विधायक रहे पत्ती दास का पिछले पखवाड़े अपने पैतृक गाँव धारी (उत्तरकाशी) में निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। वे अपने पीछे पूरा-भरा परिवार छोड़ गये हैं। उनकी अस्थियाँ हरिद्वार में उनके सुपुत्र सहसपुर के विधायक राजकुमार ने विसर्जित [...]
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