मेरि कोसि हरै गे कोसि
जोड़ – आम-बुबु सुणूँ छी गदगदानी ऊँ छी रामनङर पुजूँ छी कौशिकै की कूँ छी पिनाथ बै ऊँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि। कौशिकै की कूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि।। क्या रोपै लगूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि। क्या स्यारा छजूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि।। घट-कुला रिङू छी मेरि [...]
संगठित होना होगा जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिये
प्रस्तुति : रैमाशी रावत जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिये हमें संगठित होना पड़ेगा। यदि हम सत्ता से उम्मीद लगाकर आगे चलना चाहेंगे तो सिर्फ निराशा ही हाथ लगेगी। यह कहना था स्वामी अग्निवेश का। वे उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट द्वारा आयोजित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली व्याख्यानमाला में ‘वैश्वीकरण के दौर में ‘जल, जंगल, [...]
पानी का अनियंत्रित उपयोग विनाशकारी होगा
प्रस्तुति : नीमा वैष्णव सरला बहन के 25वें स्मृति दिवस के अवसर पर अनासक्ति आश्रम कौसानी में 8 जुलाय को ‘उत्तराखंड की नदियों का संकट और उसका समाधान’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। लक्ष्मी आश्रम द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में पूरे उत्तराखंड से करीब 250 सहभागी उपस्थित थे। इस अवसर पर राधा [...]
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