एक किताब बदलाव के लिये
उत्तराखंड राज्य के गठन में पत्रकारों की एक बड़ी भूमिका थी। इस भूभाग की समस्याओं को उजागर करने के साथ ही एक पृथक राज्य के औचित्य को सिद्ध कर में पत्रकारों ने डट कर काम किया। यही नहीं, उस दौर में हुई रिपोर्टिंग ने आन्दोलनरत जनता का मनोबल बनाये रखा। इन दस-ग्यारह सालों में स्थितियाँ [...]
शराब के खिलाफ महिलायें
उत्तराखंड में शराब के खिलाफ महिलाओं की लड़ाई अनवरत जारी है। दशकों पहले दीपा देवी ने शराब की जिस दुकान को आग लगाई थी, वह अभी तक जल ही रही है। दीपा बाद में शराब के खिलाफ लड़ने वाली टिंचरी माई के नाम से मशहूर हुई। महान क्रांतिकारी श्रीदेव सुमन की माता तारा देवी से [...]
युवाओं ने जीवित रखा गैरसैंण का मुद्दा
इस पखवाड़े उत्तराखंड राज्य के गठन को दस साल पूरे हो जायेंगे। एक दशक के इस सफर में कई बुनियादी और बड़े सवाल पीछे छूट गये हैं जिनका हल खोजा जाना अभी बाकी है। इन्हीं में से एक सवाल उत्तराखंड की असली राजधानी का भी है। पृथक राज्य की लड़ाई के साथ ही आंदोलनकारियों ने [...]
हाँ, दस साल हो गये हैं राज्य बने
दस साल! दस साल का होने जा रहा है उत्तराखंड इस 9 नवम्बर को। एक बच्चा बचपन पार कर किशोरावस्था में प्रवेश कर रहा है। एक समाज के लिये कितना महत्वपूर्ण पड़ाव है यह ? लेकिन कहीं कोई उत्साह है क्या ? 9 नवम्बर आयेगा….राज्य का स्थापना दिवस। सब कुछ उसी कर्मकांड की तरह होगा। [...]
निशंक सरकार गैरसैंण में बनायेगी सचिवालय ?
तेरहवें वित्त आयोग द्वारा उत्तराखंड की विधानसभा हेतु 88 करोड़ रुपया स्वीकृत किये जाने के बाद गैरसैंण में विधानसभा भवन बनाये जाने की माँग जोर पकड़ रही है। हालाँकि काँग्रेस में सांसद सतपाल महाराज के अलावा कोई बड़ा नेता इस माँग से नहीं जुड़ सका है। भाजपा ने तो इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन [...]
नदी अभियान की समीक्षा
प्रस्तुति : बसंत पांडे ‘नदी बचाओ अभियान’ के दो वर्ष पूरे होने पर एक समीक्षात्मक बैठक 22 दिसम्बर 09 को कौसानी के लक्ष्मी आश्रम में सम्पन्न हुई। वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार चिपको आन्दोलन ने पेड़ों के प्रति चेतना पैदा की, उसी प्रकार नदी बचाओ अभियान ने पानी व नदी के प्रति जागृति पैदा [...]
2010 ‘नदियों को मुक्त करो वर्ष’ होगा
प्रस्तुति : ओम प्रकाश भट्ट देश भर के गांधीवादी व पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने नदियों के प्रवाह को उनके प्राकृतिक परिवेश में बनाये रखने का संकल्प लिया। नदियों की पवित्रता तथा पावनता को बनाये रखने व नदियों से पलने वाले लोगों के जीवन को बचाने के लिए पूरे देष में संघर्ष की रणनीति बनायी। यह तय [...]
गैरसैंण को लेकर सरगर्मी तेज
गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की माँग को लेकर उत्तराखण्ड आन्दोलनकारियों का एक दिवसीय सम्मेलन सितम्बर को श्रीनगर में बृहद् स्तर पर आयोजित किया गया। ‘गैरसैंण राजधानी बनाओ संयुक्त समिति’ के तत्वावधान में पहाड़ के दूरदराज से आये आन्दोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि राजधानी अगर बनेगी तो गैरसैंण में। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड लोक [...]
हाँ..हाँ रे आन्दोलनकारी….. क्यों गई तेरी मति मारी
उत्तराखंड के पूर्व आंदोलनकारी इन दिनों फिर आंदोलित हैं। यह खबर सुखद हो सकती थी बशर्ते कि आंदोलनकारी उस राज्य के व्यापक हितों की बात करते जो उनके संघर्ष की एवज में हमें मिला। जो राज्य फटी पायजामा पहनने वाले आम आदमी के लिये माँगा था, नौकरशाहों, दलालों और हूटर बजाकर आतंकित करने वाले तथाकथित [...]
अब राग रंग को तबाह करने वाली सत्यानाशी शराब के खिलाफ ग्रामीण
‘दारू और दवा, इसी की चल रही है हवा’….‘घर में शादी हो या जागर, रंग में भंग कर देता है शराबी आकर’. …जैसे नारों व गीतों के माध्यम से क्षेत्रीय संगठनों ने बसौली स्थित शराब की दुकानों के विरोध में आन्दोलन का विगुल फूँक दिया है। विभिन्न महिला मंगल दलों, महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं [...]
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