प्रशान्त राही का जज्बा अभी बरकरार है
जीवन चन्द पुलिस द्वारा माओवादियों का जोनल कमांडर बता कर जेल भेज दिये गये प्रशांत राही की अन्ततः पौने चार साल बाद 21 अगस्त को रिहाई हो गई। उन्हें उच्च न्यायालय द्वारा मिली जमानत के बाद पर जिला कारागार रोशनाबाद (हरिद्वार) से छोड़ा गया। इस अवसर पर उनकी पत्नी चन्द्रकला और पुत्री शिखा राही के [...]
पशु-पक्षियों को आपदाओं का सहज नैसर्गिक पूर्वाभास होता है
रामस्वरूप सिंह चौहान विकसित सभ्यता के इस दौर में ऐसा लगता है, जैसे मनुष्य प्रत्येक प्रकार की विपदाओं से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। जबकि ऐसा है नहीं। पहले जब मनुष्य प्रकृति के घनिष्ठ सम्पर्क में रहता था, तब उसे शायद आने वाली विपदाओं का पूर्वाभास हो जाता था। पशु-पक्षियों में आज भी इस [...]
कब बनेगा कोसी का तटबंध
पिछले वर्ष कोसी की बाढ़ से रामनगर की सुरक्षा के लिये बनाया गया कोसी का तटबंध टूट गया और शहर में पानी घुस गया था। अब तक उस तटबंध की मरम्मत नहीं हो पाई है। करीब 25 हजार की आबादी खतरे की जद में है। ब्रिटिश शासन के दौरान 1924 में भारी बरसात के चलते [...]
बकवास है पुनर्वास नीति
पुरुषोत्तम शर्मा उत्तराखण्ड आपदा एवं पुनर्वास नीति 2011’ एकदम निराशाजनक है। इसमें भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए आधुनिक सूचना तकनीकी का अधिकतम इस्तेमाल और आपदा पीडि़तों के स्थायी पुनर्वास के साथ उनके पुश्तैनी रोजगार की सुरक्षा के मुद्दे अहम होने थे। अखिल भारतीय किसान महासभा [...]
परियोजना, विस्थापन और पुनर्वास
राकेश कुमार मालवीय आजादी के बाद से भारत में अब तक साढ़े तीन हजार परियोजनाओं के नाम पर लगभग दस करोड़ लोगों को विस्थापित किया जा चुका है। लेकिन सरकार को अब होश आया है कि विस्थापितों की जीविका की क्षति, पुनर्वास-पुनस्र्थापन एवं मुआवजा उपलब्ध कराने हेतु एक राष्ट्रीय कानून का अभाव है। यानि इतने [...]
लोकतारिणी गंगा इस साल खतरे का कारण बनी है
सप्ताह भर पहले तक देहरादून से 20 किमी दूर सहस्त्रधारा के निकट कारलीगाड़ गांव हरे भरे लहलहाते खेतों के बीच बसा दो सौ की आबादी वाला एक सम्पन्न गांव था। गांव के किनारे बहने वाली बुलड़ी नदी ने अब उसे बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे के ढेर में बदल दिया है। 22 अगस्त को ग्रामीण जन्माष्टमी [...]
माफियाओं की लाइफलाईन गौला ने बिन्दुखत्ता को टापू बना दिया है
गौला नदी, जो माफियाओं के लिए वरदान है, नैनीताल जिले के बिन्दुखत्ता क्षेत्र के निवासियों के लिए स्थायी शोक का कारण बन गयी है। नदी में प्रतिवर्ष आने वाले उफान से यहाँ के किसानों की खेती को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बिन्दुखत्ता के रावतनगर, इन्द्रानगर, खुरीयाखत्ता, शीशम भुजिया और श्रीलंका टापू सहित दर्जनों गाँव [...]


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