सेवाग्राम घोषणा व शपथ
सेवाग्राम घोषणा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यभूमि सेवाग्राम में उपस्थित हम 12 प्रान्तों के प्रतिनिधि घोषणा करते हैं कि:- 1- नदियाँ पवित्र, जीवनदायिनी एवं मातृस्वरूपा हैं। नदियों को जीवित रहने का अधिकार है। नदियों के स्वाभाविक प्रवाह को बाँधना या रोकना अपराध है। 2- नदियों को प्रदूषित करने का हक किसी भी व्यक्ति या संगठन [...]
पुरातत्व विभाग की लापरवाही से नष्ट हो रहा है शिव का त्रिशूल
पंच केदारों में से चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के शीतकालीन निवास गोपीनाथ स्थित शिव का अष्ट धातु का त्रिशूल पुरातत्व विभाग की लापरवाही के कारण जंग खाकर नष्ट होने के कगार पर है। वर्ष 2007-08 में पुरातत्व विभाग द्वारा जीर्ण-क्षीर्ण हालत में पहुँच चुके गोपीनाथ मन्दिर की मरम्मत तथा आसपास स्थित मन्दिर व मन्दिर के भण्डारण [...]
क्या यह पत्रकारिता है ?
बीते पखवाड़े कौसानी में ऊनी शॉल व रेडीमेड व्यवसाय से जुड़े स्थानीय निवासी गिरीश कांडपाल, जिनका जुड़ाव एक दैनिक की एजेंसी से है, के अपहरण व फिरौती की खबर अखबारों में छपीं। कथित अपहर्ताओं की ओर से गिरीश कांडपाल के विरुद्ध चारित्रिक अभियोग लगाकर मुकदमा दर्ज किये जाने की बात भी सुनी गई। गिरीश कांडपाल [...]
अभिव्यक्ति की आजादी का मखौल बन गया है
आठ साल पहले अस्तित्व में आये उत्तराखंड ने विकास और जनता की खुशहाली के लिये अब तक कुछ किया हो अथवा नहीं, लेकिन कुशासन और भ्रष्टाचार आदि को लेकर यहाँ अनेक कीर्तिमान स्थापित होने लगे हैं। इसी क्रम में एक कीर्तिमान यहाँ के शासन-प्रशासन ने स्थापित किया है एक पत्रिका के पाठकों के उत्पीड़न का। [...]
स्मृतिशेष: कव्वाली गाते हुए गये अब्दुल वजीर (पच्चू)
नैनीताल के प्रसिद्ध कव्वाल जनाब अब्दुल वजीर (पच्चू) कव्वाली गाते-गाते अल्लाह को प्यारे हो गये। उनकी उम्र 56 वर्ष की थी। जनाब वजीर नैनीताल की सूफियाना गायकी की शान थे। शादी हो या उर्स, शरदोत्सव हो या रामलीला में रावण दरबार में वे हमेशा मौजूद रहते थे। वे मोहर्रम जुलूस के अखाड़े तथा संचालकों में [...]
क्या संदेश देने जा रहे हैं पंचायत चुनाव ?
73 वाँ संविधान संशोधन जारी होने के बाद तीसरे और राज्य बनने के बाद दूसरे त्रिस्तरीय पंचायती चुनावों का घमासान हो रहा है इन दिनों उत्तराखंड में। पंचायती राज की बुनियादी अवधारणा से कोसों दूर और मुद्दों को तवज्जो दिये बिना हो रहे इन चुनावों में चौतरफा अपसंस्कृति का बोलबाला देखने को मिल रहा है। [...]
गढ़वाल के यातायात के इतिहास का एक शानदार अध्याय
उत्तराखंड में यातायात के संदर्भ में की गई कोई भी बात 50 वर्ष पूरा कर चुकी गढ़वाल मोटर यूजर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के बगैर अधूरी रहेगी। यह संस्था सहकारिता के आधार पर स्थापित यातायात की अविभाजित उत्तर प्रदेश में पहली संस्था थी। मैदानी क्षेत्रों में मोटर सड़कें व पटरियाँ होने के कारण वहाँ पर गाड़ियाँ [...]
चमोली में रोजगार गारंटी योजना भी भ्रष्टाचार में समा गई है
चमोली जिले में रोजगार गारंटी योजना की समीक्षा के लिये कुछ समय पहले ‘जनदेश’ संस्था ने एक कार्यशाला आयोजित की थी। उसमें जो कथायें सुनाई गईं, वह बहुत दुःखद थीं। दशौली ब्लॉक के सैंजी गाँव के दयालसिंह का कहना था कि लोगों को रोजगार देने गाँव के पानी-स्रोत से खेतों तक नहर बनाई गई, लेकिन [...]
नदी-अंक की कवितायें
नदी सूखते जा रहे झरने और उजड़ते जा रहे पहाड़ उजाड़ पहाड़ों को देखती रात-दिन विलाप में लीन है नदी तिसपर चाहे जो, चाहे जहाँ, रोक लेता उसे तो ठीक से चल फिर भी नहीं पाती नदी कई दिनों में भूखी प्यासी मरणासन्न है नदी, इसलिए न तो अपने जलचरों से बातें कर पाती, ना [...]
…सिर्फ उनकी नजरों के लिये जिन्हें नैनीताल समाचार की परवाह है
एक बार फिर हम भिक्षा पात्र फैला कर आपके सामने आये हैं- इस बार लगभग आठ वर्ष बाद। इसे चमत्कार ही कहा जाना चाहिये कि आर्थिक दृष्टि से, शुरू से ही लड़खड़ाते हुए निकलने वाले नैनीताल समाचार के लिये ये पिछले आठ वर्ष कैसे बगैर झमेले के निकल गये ! लेकिन इस बार वास्तव में [...]
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